देशप्रकाश त्रिवेदी की कलम सेभोपालमध्य प्रदेश

किसान आंदोलन-आयकर कानून में उलझी मुख्यमंत्री की घोषणा।

भोपाल। किसान आन्दोलन को लेकर की गई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की 50 प्रतिशत नकद भुगतान की घोषणा आयकर कानून के कारण उलझ गई है। मंडी बोर्ड ने इसके आदेश तो जारी कर दिए है,लेकिन व्यवहारिक दिक्कत आयकर कानून ने 20 हजार से अधिक के नकद भुगतान की पाबंदी को लेकर है।
मंडी बोर्ड ने प्रदेश भर की मंडियों को भेजे आदेश में किसानों को उनकी उपज के बदले 50 प्रतिशत नकद भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही बोर्ड ने आयकर कानून के दायरे में ही व्यवस्था बनाने को कहा है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद मंडियों में किसानों और व्यापारियों में लेनदेन को लेकर विवाद की स्थति बनना है। व्यापारी आयकर कानून का हवाला देकर नकद भुगतान को तैयार नही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी अभियान के बाद प्रदेश की मंडिया भी कैशलेस हो गई है। सरकार के आदेश के बाद सारा भुगतान एकाउंट पे चेक या आरटीजीएस के माध्यम से हो रहा है। ऐसे में बगैर तैयारी और कानूनी बाध्यताओं को दरकिनार कर मुख्यमंत्री की घोषणा ने मंडी प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी है।
बहरहाल किसानों को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री कुछ भी करने को तैयार है।
देखना है आयकर कानून और कैशलेस अर्थ व्यवस्था की मोदी की मंशा के बीच शिवराज क्या रास्ता निकालते है।

प्रकाश त्रिवेदी@samacharline