उज्जैनदेशप्रकाश त्रिवेदी की कलम सेमध्य प्रदेश

जैन समाज के कारण बनी गुजरात मे भाजपा की सरकार।

अहमदाबाद। सूरत, अहमदाबाद,राजकोट,वडोदरा के जैन समाज के एक तरफा भाजपा को वोट करने के कारण गुजरात मे भाजपा की सरकार बन रही है। जैन समाज के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को फिर से सीएम बनाने के लिए गुजरात का जैन समाज एकजुट हो गया था। इसी का परिणाम रहा कि 20 सीटों पर जैन समाज के समर्थन से भाजपा ने पाटीदारों के विरोध के बाबजूद जीत दर्ज की।गौरतलब तलब है कि सूरत में 8 लाख,अहमदाबाद में 5 लाख और राजकोट में हजारों की संख्या में जैन समाज के अनुयायी है।
जानकारों के अनुसार सूरत में पाटीदारों और व्यापारी वर्ग की नाराजगी से भाजपा सकते में थी। जैन समाज के अलंबरदारों और संतो ने अपनी समाज के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पुनः मुख्यमंत्री बनाने के लिए जैन समाज को एकजुट होकर वोट देने के लिए तैयार किया। समाज के मुख्यमंत्री के खातिर जीएसटी और नोटबन्दी की परेशानियों को भी दरकिनार कर दिया गया।
अहमदाबाद और सूरत की 20 सीटों पर जैन समाज का गहरा असर है। सूरत में भाजपा की अप्रत्याशित जीत के मूल कारण में जैन समाज का एकतरफा समर्थन ही है। पाटीदारों,बक्शीपंच ठाकुरो और दलितों की काट के रूप में जैन समाज के समर्थन ने भाजपा की नाक बचा ली है।
उल्लेखनीय है कि जैन समाज के समर्थन से उनके यहाँ कार्यरत कर्मचारियों,मजदूरों ने भी भाजपा के पक्ष में वोट किया। बहरहाल इस बार गुजरात मे उलटबांसी हुई है। जैन,बोहरा और मुस्लिम समुदाय ने भाजपा को दिल खोलकर समर्थन किया है। गुजरात का परिणाम भाजपा के लिए चेतावनी भी है और सबक भी। देखना है पार्टी इसे किस रूप में लेती है।

प्रकाश त्रिवेदी@samacharline.com