प्रकाश त्रिवेदी की कलम से

*प्रभारी मंत्री-फिर अनुभवहीनता सामने आयी। *

बहुत हिम्मत कर मीडिया के सामने आये प्रभारी मंत्री की अनुभवहीनता एक बार फिर सामने आ गयी। मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ाने के लिए मंत्री जी ने मेला क्षेत्र को पास विहीन घोषित कर दिया वहीँ मुफ़्त में सिटी बस सुविधा का ऐलान किया।
सवाल उठता है पास विहीन करने से क्या मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ जायेगी। जानकर मंत्री जी की घोषणा की हंसी उड़ा रहे है। स्थानीय लोग तो येन केन प्रकारेण मेला घूम ही लेते है। इंदौर भोपाल के लोग भी आ रहे है सवाल करोड़ो की संख्या का है।
इसके लिए पास विहीन करने या सिटी बस चलाने से कुछ नहीं होगा। इसके लिए देश विदेश में उज्जैन सिंहस्थ को लेकर बने माइंड सेट को बदलने की कोशिश करना होगी।
टॉयलेट पानी और यातायात प्लान को लेकर जी नकारात्मक छवि बनी है उसके लिए केम्पेन चलना पड़ेगा। मेला क्षेत्र में विराजे बड़े एवं प्रभावशाली संतो से सुविधाओ को लेकर सकारात्मक बयान दिलाना होंगे। सभी संतो से अनुरोध करना होगा की वे अपने अनुयायियों को सकारात्मक संदेश भेजे। सिंहस्थ के विज्ञापन की थीम अब सुविधाओ पर होना चाहिए।
हमारे प्रभारी मंत्री जी और उनके सलाहकारो को लगता है सार्वजानिक आयोजनों का अनुभव नहीं है।
पास विहीन करने के कारन फिर विवाद होंगे पंचकोशी आने बाली है भीड़ बढेगी फिर यातायात प्रभावित होगा फिर सरकार बदनाम होंगी।
सवाल मेला क्षेत्र को सुगम बनाने का है। पुलिस महकमे में आपसी लड़ाई का शिकार यातायात प्लान हुआ है। कतिपय पुलिस अधिकारी कप्तान को फ़ैल करना चाहते है। इसी लिए उनके निर्देशो को भी तबब्जो नहीं दी जा रही है।
बहरहाल मुख्यमंत्री जी को अब जागना होगा और कोई अनुभवी मंत्री को मेला प्रबंधन में लगाना होगा नहीं तो चालक अधिकारी खर्चा भी करा देंगे और बदनाम भी करेंगे।
प्रकाश त्रिवेदी