उज्जैनमध्य प्रदेशहोम

शैव महोत्सव आयोजन समिति ने परली महाराष्ट्र को ज्योतिर्लिंग माना, देवधर झारखंड को नहीं

उज्जैन। शैव महोत्सव में देवधर वैद्यनाथ झारखंड से सम्मिलित होने आए वहां के तीर्थ पुरोहितों व आंतरिक प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बारह ज्योतिर्लिंगों में देवधर वैद्यनाथ धाम का उल्लेख नहीं करने पर घोर आपत्ति दर्ज कराई।
देवधर वैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिंग की ओर से आए पं. विनोद दत्त द्वारी, पं. दुर्लभ मिश्रा, पं. गोपाल महाराज, पं. पन्नालाल मिश्र, पं. मनीलाल झा, पं. जयनारायण सिधारी, पं. उदयनारायण परिहस्थ, पं. सिध्दनाथ मिश्रा, पं. माकंडेय फलाहारी, पं. सुनील झा ने कहा शैव महोत्सव आयोजन समिति ने परली महाराष्ट्र को किस आधार पर ज्योतिर्लिंग माना है एवं देवधर झारखंड को क्यों नहीं माना है। इस पर खुले मंच पर चर्चा होनी चाहिये। आपने आयोजन समिति को मंच पर खुली चर्चा की चुनौती दी। आपने बताया कि हमें पत्र द्वारा निमंत्रण के माध्यम से द्वादश ज्योतिर्लिंग के मंदिरों के महत्व, व्यवस्था, धार्मिकता और दर्शन पर चर्चा का उल्लेख किया है, परंतु हमारा उल्लेखन नहीं होने से कैसे चर्चा करेंगे। आपने कहा कि यहां हमारे साथ नियुक्त नोडल अधिकारी हमें जानकारी देने में भी असमर्थ नजर आ रहे हैं। रूकने व खाने की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। आपने बताया कि श्लोक में प्रज्वल्याम् वैद्यनाथम् च का विभ्रंश परल्यां वैद्यनाथम च हो गया है जिससे यह स्थिति आ रही है। आपने कहा कि शैव महोत्सव समिति को पहले इन तथ्यों पर गौर करना था व आमंत्रण प्रिंट कराने थे। हम यहां आकर अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं।