प्रकाश त्रिवेदी की कलम सेमध्य प्रदेश

संघ के फ़ीडबैक से तय होगा शिवराज का भविष्य।

भोपाल। किसान आंदोलन से बैकफुट पर आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भविष्य संघ के फ़ीडबैक से तय होगा। संघ शिवराज सरकार के कामकाज और जनमानस में उसकी छवि को लेकर प्रदेश भर में अपने प्रचारकों एवं अनुषांगिक संगठनों से फ़ीडबैक एकत्रित कर रहा है।

सरकार और उसके मुखिया को लेकर आए इस फ़ीडबैक के आधार पर शिवराज सरकार का भविष्य तय होगा। इसी फ़ीडबैक के आधार पर संगठन में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे तथा सरकार की दशा और दिशा का उपचार एवम दिशादर्शन होगा।
संगठन में उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार फ़ीडबैक प्रतिवेदन को भाजपा-संघ समन्वय की बैठक में जाएगा।
संघ की विशिष्ट पद्धति से फ़ीडबैक एकत्रीकरण का काम इसी महीने से शुरू हो रहा है। संघ व्यवस्था में विभाग स्तर पर भाग,प्रखंड और जिला स्तर पर खास प्रोफार्मा में फ़ीडबैक एकत्रित किया जायेगा। इसी पद्धति से अनुषांगिक संगठन अपना फ़ीडबैक भेजेंगे। विभाग प्रचारक अपने स्तर पर फ़ीडबैक को लेकर व्यापक विमर्श कर प्रतिवेदन तैयार करेंगे जिसे प्रांत व्यवस्था में भेजा जायेगा।
संघ की व्यवस्था में मध्यप्रदेश तीन प्रान्तों में विभक्त है। मध्यभारत,मालवा,और महाकौशल।
तीनो प्रान्तों से अगस्त माह के अंत तक फ़ीडबैक संघ-भाजपा समन्वय तक पहुंच जाएगा।
इसके बाद संघ-भाजपा की समन्वय बैठक में विधानसभा चुनाव 2018 के लिए रणनीति,नेतृत्व, मुद्दे तथा विपक्ष के हमले से बचाव के लिए जमीनी स्तर तक तक कि रूपरेखा तय होगी।
संघ के इसी फ़ीडबैक प्रतिवेदन के आधार पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का राजनीतिक भविष्य भी तय होगा।
संघ के श्रेष्ठी वर्ग में शिवराज सरकार के कामकाज को लेकर गहरी चिंताए है। इन्ही चिंताओं के इर्दगिर्द फ़ीडबैक मंगाया गया है,लिहाजा विचार परिवार का अभिमत शिवराज सरकार के लिए कसौटी हो गया है।
बहरहाल संघ की इस कवायद से पार्टी और सरकार में कितने बदलाव आते है,या सरकार कितनी कार्यकर्ता उन्मुख होती है या जनमानस पर कितना खरी उतरती है इसका जबाब दिसम्बर 2018 में ही प्राप्त होगा।

प्रकाश त्रिवेदी@samacharline