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संघ ने तीन दिवसीय बैठक के बाद स्वीकारा कि मोदी और शिवराज सरकार, कृषि क्षेत्र में असफल

भोपाल 14 अक्टूबर 2017। नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा कि अंततः राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने यह मान लिया है कि तीन साल की मोदी सरकार और 14 साल की मप्र में भाजपा सरकार ने किसानों के हित में काम नहीं किया है। यही कारण है कि किसानों में व्याप्त असंतोष को देखते हुए, संघ ने खुद ही किसानों के बीच जाकर काम करने का एलान किया है। श्री सिंह ने कहा कि भाजपा की पितृ संस्था, संघ को चाहिए कि वह किसान हितैषी और किसान पुत्र मुख्यमंत्री होने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि क्षेत्र में असफल होने पर उन्हें पद से हटाए, क्योंकि पिछले 14 साल में किसानों को सरकार की नीतियों के कारण आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसका खामियाजा कौन भुगतेगा उसकी जिम्मेदारी भी आरएसएस को तय करना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा कि पिछले 7 दिनों से संघ नेताओं ने अपनी तीन दिन की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि ग्रामीणों और किसानों के बीच जो आक्रोश केंद्र और राज्य सरकार के प्रति है, उसका मूल कारण है कि शिवराज सरकार के सारे दावों के बावजूद इन क्षेत्रों में कोई काम नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार को किसानों के अनुसार कृषि नीति बनाना चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि संघ को चेतने में बहुत देर हो गई है। अब लोगों का यह मानना है कि भाजपा सरकार किसान, मजदूर और गरीबों की नहीं बड़े लोगों की पार्टी है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कृषि कैबिनेट, कृषि बजट और किसानों की आय को दोगुना करने के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभी बातें झूठी हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संघ किसानों को स्वावलंबी बनाने की जो बात आज कह रहा है, जबकि शिवराज सरकार निरंतर यह कहते रहे हैं कि उनकी नीतियां किसानों को स्वावलंबी बना चुकी हैं। उन्होंने कहा कि शायद यह शिवराज जी ने अपने ही बारे में बताया होगा, क्योंकि वे अपने ही फूल और फल की बगियां से प्रतिवर्ष 11 लाख रूपए की आय कमा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरएसएस के यह स्वीकारने भर से काम नहीं चलेगा, क्योंकि जिन किसानों ने अपने जीवन का बलिदान दिया है, उसकी सजा तो इन लोगों को मिलना ही चाहिए, जिन पर इनके हितों के संरक्षण का दायित्व था।

नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने कहा कि आरएसएस को ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है। यह बात संघ के सरकार्यवाह के इस बयान से स्पष्ट होती है कि अब संघ ग्रामीण क्षेत्रों में फोकस करेगा।