विटामिन की कमी होने पर आपका शरीर देता है ये संकेत - Samacharline.com

विशेषहेल्थ और केयर

विटामिन की कमी होने पर आपका शरीर देता है ये संकेत

एक स्वस्थ शरीर और दिमाग को पौष्टिक आहार की जरूरत होती है। ऐसा आहार जो कि प्रोटीन, विटामिन, फैट्स, कार्बोहाइड्रेट, आयरन जैसे अन्य पोषक तत्वों से भरपूर हो। यदि आहार में एक भी पोषक तत्व की कमी रह जाती है तो स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। विटामिन कई कारणों से बेहद महत्वपूर्ण हैं और इसकी कमी शरीर को कुछ चेतावनी भरे संकेत देते हैं।

एम्स के डॉ. अनुराग शाही के अनुसार, विटामिन शरीर के हर हिस्से के लिए जरूरी होते हैं। शरीर के सामान्य रखरखाव के लिए जरूरी विटामिन खाद्य पदार्थों के जरिए शरीर में पहुंचता है। वहीं इनकी कमी होने पर दवाओं के रूप में पूर्ति की जाती है।

नाखून और बालों का कमजोर होना-आपके बालों के या नाखून के कमजोर होने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन बायोटीन की कमी उनमें से एक है। बायोटीन को विटामिन बी7 के नाम से भी जानते हैं। बायोटीन शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। अगर इसकी कमी हो तो नाखून नाजुक और कमजोर हो जाते हैं और बाल टूटने लगते और पतले हो जाते हैं।

अन्य लक्षणों में थकान, मांसपेशियों में दर्द होना, ऐंठन आदि हो सकते हैं। इस संबंध में चिकित्सक से सलाह लें जो कि आपको बायोटीन से भरपूर फूड्स जैसे अंडे का पीले हिस्सा, मछली, नट्स, पालक, ब्रोकली, केले, शकरकंद आदि खाने की सलाह दे सकते हैं।

गर्भवती महिलाएं, खूब धूम्रपान करने वाले या शराब पीने वाले और पाचन संबंधी विकारों से ग्रस्त लोगों को बायोटिन की कमी होने का सबसे बड़ा जोखिम है।

मसूड़ों से खून बहना-आहार में विटामिन सी का यह एक बड़ा संकेत है। वैसे तो गलत तरीके से ब्रश करने से भी खून बह सकता है लेकिन मसूड़ों से खून बहने के लिए विटामिन सी को काफी हद तक दोषी ठहराया जा सकता है। विशेष रूप से यह विटामिन प्रतिरक्षा और घावों को भरने में मदद करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट का काम भी करता है और कोशिकाओं को नष्ट होने से रोकता है। लेकिन यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि शरीर विटामिन सी खुद उत्पादन नहीं करता है। यह आहार पर निर्भर रहता है। बेहतर होगा कि ताजे फल और सब्जियों का रोजाना सेवन करें।

मुंह के छालें और होंठों के कोनों पर दरारें-यह भी विटामिन की कमी के संकेत हैं। मुंह के छाले और होंठों के किनारों पर दरारें विशेष रूप से विटामिन बी की कमी से आती हैं। इसके अलावा यह आयरन की कमी का संकेत भी है। हरी पत्तेदार सब्जियां, मांस, मछली, नट्स, साबुत अनाज आदि का सेवन करें।

आंखों की समस्या-आहार जिसमें पोषक तत्वों की कमी हो तो वह आंखों की समस्याओं को जन्म देता है। इनकी कमी से दृष्टि संबंधित परेशानियां होती है। जैसे विटामिन ए को अक्सर उस स्थिति से जोड़ा जाता है जिसे नाइट ब्लाइंडनेस (रतौंधी) कहते हैं। इसमें लोगों की कम रोशनी या अंधेरे में देखने की क्षमता घट जाती है। यह इसलिए क्योंकि विटामिन ए रोडोडॉपिन का उत्पादन करने के लिए जरूर है जो कि आंखों की रेटिना में पाया जाने वाला पिगमेंट है। यह रात को देखने में मदद करता है। अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह नाइट ब्लाइंडनेस (रतौंधी) जेरोफथेल्मिया की ओर बढ़ सकती है। जेरोफथेल्मिया एक ऐसी स्थिति है जो कि कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकती है और अंत में अंधापन की स्थिति पैदा कर सकती है।

Page 4MP Achievement Digital AD_300X250