छत्तीसगढ़ : महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में...
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में...
गुरुग्राम। रविवार देर रात्रि तक ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित इंडियन एमेच्योर...
उज्जैन। डॉ. हेडगेवार जन्म शताब्दी स्मृति सेवा न्यास के प्रकल्प अंतर्गत आयोजित...

गेस्ट हाऊस मे कब तक रहेंगी देवास एसपी……?
पदोन्नत सोलंकी ने नहीं किया सरकारी बंगला खाली
देवास । जिले की महिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती कृष्णावेणी देसावतु डेढ़ माह से अधिक समय से बैंक नोट प्रेस के गेस्ट हाऊस मे रहकर अपने कर्तव्य का पालन कर रही हैं लेकिन उन्हें अब तक अपने लिये आवास नहीं मिल सका है । देवास एसपी से पदोन्नति पाकर डीआयजी बने चन्द्रशेखर सोलंकी ने अब तक बंगला खाली नहीं किया है जिसके कारण महिला एसपी को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । खास बात यह है कि पुलिस अधीक्षकों को जो सरकारी बंगले मिलते हैं वह एयरमार्क होते हैं जिसके कारण उन्हें आवास खाली करना पड़ते हैं। कोरोना वायरस प्रकोप के चलते अपनी विभागीय जिम्मेदारी मे निरंतर सक्रिय पुलिस अधीक्षक को कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा होगा यह समझा जा सकता है । कानून व्यवस्था के पालन मे पूरे देवास जिले की जिम्मेदारी लिए एसपी को अब तक शासकीय आवास न मिलना और प्रमोशन पाकर भोपाल पदस्थ चन्द्रशेखर सोलंकी द्वारा अपना देवास का आवास रिक्त नहीं करना विभाग और मीडिया मे चर्चा का विषय बन गया है ।
पुलिस अधीक्षक एक महिला और मां भी हैं यह बात वरिष्ठ अधिकारियों सहित डीआयजी सोलंकी को भी ध्यान रखनी चाहिये। साथ ही विभागीय सूत्र बताते हैं कि पुलिस अधीक्षक से पदोन्नत होकर डीआईजी बने चंद्रशेखर सोलंकी अपना देवास का सरकारी आवास इसलिए खाली नहीं कर रहे क्योंकि कोरोना वायरस के चलते अभी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण सोलंकी यह आवास खाली नहीं कर रहे हैं लेकिन खास बात यह भी कि महिला पुलिस अधीक्षक भी अभी अपने कुछ आवश्यक काम बंगले से कर सकती है लेकिन वह भी गेस्ट हाउस से पूरा नही कर पा रही है। अब देखना यह है की पूर्व पुलिस अधीक्षक व पदोन्नत डीआईजी सोलंकी कब तक सरकारी आवास खाली करते हैं