कारोबार

छोटे बिजनेस के लिए शानदार शिशु लोन, सरकार ब्याज पर दे रही 2% की छूट!

कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार ने छोटे कारोबार को फिर से खड़ा करने के लिए या फिर नया कारोबार शुरू करने के लिए शिशु लोन की ब्याज दर पर छूट देने का ऐलान किया है. शिशु लोन स्कीम मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी मुद्रा योजना का हिस्सा है.

अगर आपने बैंक से शिशु लोन लिया है और या फिर लेने की सोच रहे हैं तो फिर आपको मोदी सरकार के नए ऐलान का फायदा होगा. शिशु लोन के तहत 50 हजार रुपये तक का कर्ज मिलता है. इसका मकसद छोटे स्तर पर व्यापार करने वालों की मदद करने का है.

दरअसल गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि मुद्रा शिशु लोन पर ब्याज में दो फीसदी छूट दी जाएगी. ये छूट अगले 12 महीने तक होगी. इसका असर ये होगा कि लोन लेने वालों के 1500 करोड़ बचेंगे, जबकि ये पैसा सरकार भरेगी. फिलहाल शिशु लोन पर 10 से 11 फीसदी सालाना ब्याज दर है. जिसपर अब दो फीसदी की छूट मिलेगी.

सरकार का कहना है कि इसका लाभ करीब 3 करोड़ लोगों को मिलने जा रहा है. मुद्रा स्कीम के तहत शिशु लोन लेने वालों को 12 महीने तक सरकार ब्याज में 2 फीसदी तक छूट देगी. मुद्रा योजना के तहत सबसे निचली ऋण श्रेणी शिशु योजना की है.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत देश के युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए बिना गारंटी के बैंकों से लोन उपलब्ध कराया जाता है. मुद्रा योजना 8 अप्रैल 2015 को शुरू की गई थी. मुद्रा योजना के तहत 50 हजार से 10 लाख तक का लोन मिल जाता है

मुद्रा योजना में तीन तरह के लोन दिए जाते हैं. 50 हजार तक के लोन शिशु योजना के तहत, 50 हजार से 5 लाख तक के लोन किशोर योजना के तहत और 5 लाख से 10 लाख तक के लोन तरुण योजना के तहत दिए जाते हैं.

 

क्या है सरकार का उद्देश्य

सरकार की मुद्रा योजना का उद्देश्य है कि देश के युवा उद्यमी बनने की दिशा में अपना कारोबार शुरू कर सकें, साथ ही इसके जरिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार भी उपलब्ध हो सके. मुद्रा योजना में बिना गारंटी के लोन मिलता है. लोन के लिए प्रोसेसिंग चार्ज का प्रावधान भी नहीं है.

 

कौन ले सकता है लोन?

कोई भी देश का नागरिक जो अपना कारोबार शुरू करना चाहता है, योजना के तहत आवेदन कर सकता है. योजना की डिटेल के लिए http://www.mudra.org.in/ लिंक पर विजिट कर सकते हैं. देश के लगभग सभी बैंकों सरकार ने इसके लिए अधिकृत किया है.