कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कल रात हिंसा भड़की, वजह सिर्फ़ यह कि एक समुदाय विशेष के लोग सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद के बारे में भड़काऊ पोस्ट डालने के लिए कांग्रेस विधायक पुलकेशी नागर के एक रिश्तेदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर केजी हल्ली थाने के पास एकत्रित हुए | वे लोग अपनी मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे और उसी दोरान उन्होंने विधायक के घर व आस पास के इलाको मे पथराव करने लगे साथ हि वहां खड़ी करीब 200-250 वाहनों में आग लगा दी | इतना हि नहीं जब भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिस को गोली चलाने की इजाजत मिली तब वहां पर तीन लोगों की मौत हो गई , साथ हि करीब 60 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं | क्या किसी इंसान की सोशल मीडिया पोस्ट देखकर हम इतने उत्तेजित हो जाते हैं कि हम किसी की जान लेने को बेकाबू हो जाए ?
ऐसे दंगे करने वालों के ऊपर हमारी सरकार व पुलिस को कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए , जिससे कि आने वाले समय में कोई है यह करने की सोचें तक ना |
बीते कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश में जो हिंसा हुई थी और योगी सरकार ने कड़ा फैसला लिया था जो कि दंगों में हुआ सरकारी सम्पति को नुकसान दंगों में शामिल लोगों की संपत्ति बेचकर किया जाना, सराहनीय था | साथ ही भारत सरकार को सोशल मीडिया से होने वाले बड रहे अपराध व भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ एक अलग सोशल मीडिया नियम बनाना चाहिए।
Kajal Kumawat @samacharline