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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज कुमार गोयनका, अशोक कुमार गोयनका, रतन कुमार गोयनका और पंकज अग्रवाल के खिलाफ पटना के स्पेशल कोर्ट (PMLA) में अवमानना ​के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. साथ ही सजा देने के लिए अनुरोध के साथ ही अभियोजन पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई कि इन लोगों ने नोटबंदी के दौरान जब्त किए गए रुपयों से 4.61 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की.

मुजफ्फरपुर के राज कुमार गोयनका और अशोक कुमार गोयनका ने अपने कर्मचारियों की तस्वीरों और दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी और गलत तरीके से कई बैंक खाते खोले. इन खातों को खाताधारकों की जानकारी के बिना बड़ी मात्रा में नकदी जमा करने के लिए खोला गया था.

आरटीजीएस या एनईएफटी द्वारा नकद जमा राशि को कोलकाता, दिल्ली, मुंबई जैसे कई अन्य शहरों में स्थित आरोपियों के सहयोगियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया गया. प्रवर्तन निदेशालय ने मुजफ्फरपुर जिले के मिठानपुरा थाने में दर्ज एक दिसंबर, 2016 के आधार पर आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज कराया.

जांच एजेंसी ईडी ने कहा कि बाद में इस संबंध में कोलकाता में पंकज अग्रवाल के परिसरों की तलाशी ली गई और शेल फर्मों से संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में 8 नवंबर को 500 रुपये और 1,000 रुपये के करेंसी नोटों को चलन से बाहर कर दिया था.