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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों की वैसे तो सरकार से छठे दौर की चर्चा आज होनी थी, लेकिन मंगलवार शाम 4 बजे अचानक गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से मुलाकात का न्योता मिला। रात को बातचीत हुई, लेकिन फिर बेनतीजा रही। बताया गया कि सरकार बुधवार को यानी आज कृषि कानूनों में बदलाव का प्रस्ताव और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी लिखित में देगी। लेकिन, किसान कानून रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। वे दोपहर 12 बजे सिंघु बॉर्डर पर मीटिंग कर तय करेंगे कि आगे क्या करना है।

 

कानूनों में बदलाव पर आज कैबिनेट में चर्चा होगी

सूत्रों के मुताबिक आज कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें किसानों के लिए सरकार के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। इसके बाद सरकार किसानों को लिखित में प्रस्ताव सौंप देगी। हालांकि, किसानों से आज होने वाली मीटिंग सरकार ने टाल दी है।

 

‘शाम 4-5 बजे तक स्थिति साफ होने की उम्मीद’

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि सरकार जो ड्राफ्ट भेजेगी, उस पर चर्चा के बाद तय करेंगे कि आगे क्या करना है। उम्मीद है कि आज शाम 4-5 बजे तक स्थिति साफ हो जाएगी।

 

अमित शाह से चर्चा में बात क्यों नहीं बनी?

बैठक के लिए 5 किसान नेताओं को बुलाया गया था, बाद में 13 मिले। कुछ किसानों ने यह कहते हुए विरोध किया कि एक दिन पहले बैठक क्यों और 40 की जगह 13 सदस्य ही क्यों? बैठक पहले शाह के घर पर थी, आखिरी समय में जगह बदलकर ICAR गेस्ट हाउस तय कर दी गई। ऐसे में 2 किसान बैठक में नहीं आ सके और बाकी किसानों ने उनके बिना चर्चा शुरू करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस उन 2 किसानों को एस्कॉर्ट कर रात करीब 9:15 बजे लेकर आई।

मीटिंग में शाह ने कई एक्सपर्ट्स बुला रखे थे, जो किसानों को समझा रहे थे कि किस बदलाव का आगे चलकर क्या असर होगा। फिर भी किसान नेता अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे थे, इसलिए सुझाव के आधार पर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश हो रही थी।

 

राहुल समेत 5 विपक्षी नेता आज राष्ट्रपति से मिलेंगे

20 सियासी दल किसानों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं। मंगलवार को किसानों के भारत बंद में भी विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया था। विपक्ष के 5 नेता आज शाम 5 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे। इनमें राहुल गांधी और शरद पवार भी शामिल होंगे।