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टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली टी नटराजन की योग्यता से काफी प्रभावित हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे में दबाव की परिस्थितियों में अच्छी गेंदबाजी से उनकी पहचान बनी है. अब यह कहा जा सकता है कि अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की प्लानिंग में नटराजन ने अपनी जगह बना ली है. ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ग्लेन मैक्ग्रा कह चुके हैं कि वह निश्चित तौर पर भारत के लिए इस दौरे की खोज हैं.

कोहली ने खुद माना कि यह ‘यॉर्कर मैन’ अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को देखते हुए टीम के लिए अहम साबित हो सकता है. तमिलनाडु के 29 साल के तेद गेंदबाज नटराजन ने केनबरा में तीसरे वनडे से इंटरनशेलनल क्रिकेट में डेब्यू किया. उन्होंने 4 मैचों में 8 विकेट चटकाए.

कोहली ने मंगलवार को मैच के बाद कहा, ‘नटराजन का विशेष जिक्र करना चाहूंगा. (मोहम्मद) शमी और जसप्रीत (बुमराह) की गैरमौजूदगी में उसने अच्छी जिम्मेदारी निभाई और दबाव की परिस्थितियों में शानदार गेंदबाजी की.’ उन्होंने कहा, ‘यह बेजोड़ है क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शुरुआती मैचों में खेल रहा है. वह बेहद धैर्यवान, विनम्र और कड़ी मेहनत करने वाला खिलाड़ी लग रहा है. वह जानता है कि वह क्या कर रहा है.’

भारत को अगले साल अक्टूबर-नवंबर में टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी करनी है. कोहली ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि वह अपने खेल पर कड़ी मेहनत करना जारी रखेगा और बेहतर गेंदबाज बनता जाएगा क्योंकि बाएं हाथ का तेज गेंदबाज किसी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होता है. अगर वह इस तरह से गेंदबाजी करना जारी रखता है तो अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप से पहले यह हमारे लिए बहुत अच्छी बात होगी.’

टी नटराजन ने आईपीएल 2020 में अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए जगह बनाई. उन्होंने यूएई में खेले गए टूर्नामेंट में सर्वाधिक यॉर्कर फेंके और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के लिए खेलते हुए कुल 16 विकेट निकाले. उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टी20 टीम में चुना गया था, लेकिन बाद में नवदीप सैनी के बैक-अप के रूप में वनडे टीम में शामिल कर लिया गया था. दरअसल, कोलकाता नाइट राइडर्स के लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती कंधे की चोट के कारण दौरे से पहले ही टी-20 सीरीज से बाहर हो गए थे. उनकी जगह नटराजन को टी-20 टीम में शामिल किया गया.

 

ऐसे आए थे IPL में… 

आइपीएल के 10वें सीजन के लिए नटराजन पर भी बोली लगनी थी. ऑक्शन में बैठे किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP) के वीरेंद्र सहवाग इस खिलाड़ी को अपने हाथ से जाने देने के लिए तैयार नहीं थे. बोली 10 लाख रु. से शुरू हुई और राइजिंग पुणे जाइंट्स से लेकर सनराइजर्स हैदराबाद तक सब ने वीरू से इस खिलाड़ी को छीनने की कोशिश की.

 

… जब वीरू बोली बढ़ाते गए

लेकिन वीरू बोली को बढ़ाते चले गए, और आखिर में 3 करोड़ रुपये में उन्होंने कामयाबी हासिल की. यह बात उस शख्स के लिए बहुत मायने रखती थी, जिसके पिता रेलवे स्टेशन पर दिहाड़ीदार हों और मां सड़क किनारे खाने का स्टॉल चलाती हों. 2017 के आईपीएल सीजन में नटराजन को किग्स इलेवन पंजाब (KXIP) की ओर से 6 मैच खेलने का मौका मिला, जिसमें उन्हें सिर्फ 2 विकेट मिले.

IPL 2018 के लिए हुए ऑक्शन में नटराजन को बेसप्राइस 40 लाख रुपये से ज्यादा नहीं मिला. उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने अपने खेमे में शामिल कर लिया. लेकिन सनराइजर्स की ओर से मैदान पर उतरने का मौका उन्हें 2020 के टूर्नामेंट में मिला. और इसी आईपीएल में उन्होंने अपने बेहतरीन यॉर्कर से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा.

उन्होंने शुरुआत तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) से की, जिसमें डिंडिगुल ड्रैगन्स की ओर से खेलने का मौका मिला. 2015-16 में उन्हें तमिलनाडु से फर्स्ट क्रिकेट खेलने को मिला. लेकिन उनके गेंदबाजी एक्शन को संदिग्ध माना गया और उसे सही करने के लिए कहा गया. उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और वे उस मुश्किल दौर से उबरे. अब अपनी मेहनत और लगन से वे रणजी ट्रॉफी में तमिलनाडु की ओर से स्थायी चेहरा बन चुके हैं. उन्होंने अब तक 20 प्रथम श्रेणी मैचों में 64 विकेट चटकाए हैं.

नटराजन अपनी खतरनाक यार्कर गेंदों का श्रेय टेनिस गेंद से की गई प्रैक्टिस को देते हैं. सलेम (तमिलनाडु) के नटराजन 20 साल की उम्र तक टेनिस की गेंद से ही क्रिकेट खेलते आए थे. किस्मत ने उस वक्त करवट ली जब वे चेन्नई आए. वे वहां आकर जॉली रोवर्स क्लब के लिए खेले जिसने आर. अश्विन और मुरली विजय जैसे सितारे दिए हैं. यहां यॉर्कर गेंदों ने उनकी अलग पहचान बनाई.