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दुनिया में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 6.85 करोड़ के पार हो गया। 4 करोड़ 74 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 15 लाख 62 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं। ब्रिटेन के साइंस चीफ ने कहा है कि भले ही देश में वैक्सीन आ गया हो, लेकिन मुमकिन है कि अगली सर्दियों में भी ब्रिटेन के लोगों को मास्क लगाना पड़े। इटली और जर्मनी में संक्रमण अब भी काबू में नहीं आया है। इटली में तो मरने वालों का आंकड़ा 60 हजार के पार हो गया है।

 

अलर्ट रहें ब्रिटेन के लोग

ब्रिटेन सरकार के चीफ साइंस एडवाइजर पैट्रिक वालेंस ने देश के लोगों को लापरवाही से बचने की सलाह दी है। ‘द टेलिग्राफ’ अखबार से बातचीत में पैट्रिक ने कहा- यह बात सही है कि हम वैक्सीन लाने वाले पहले देश बन गए हैं। यह बहुत बड़ी कामयाबी है। लेकिन, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हम लापरवाह हो जाएं। मेरा मानना है कि हमें अगली सर्दियों में भी मास्क पहनना पड़ सकता है और इसके लिए तैयार रहना चाहिए। वैक्सीनेशन के साथ अगर लोग सावधानी रखेंगे तो यह उनके लिए ही बेहतर होगा। इसके साथ ही प्रतिबंध लागू रहेंगे, क्योंकि इनका कोई विकल्प नहीं है।

 

मंगलवार को लंदन की एक सड़क से गुजरते लोग। ब्रिटेन सरकार के चीफ साइंस एडवाइजर ने लोगों से कहा है कि वैक्सीन आने का यह मतलब नहीं है कि वे लापरवाह हो जाएं। उन्होंने कहा कि अगली सर्दियों में भी मास्क लगाना पड़ सकता है।
मंगलवार को लंदन की एक सड़क से गुजरते लोग। ब्रिटेन सरकार के चीफ साइंस एडवाइजर ने लोगों से कहा है कि वैक्सीन आने का यह मतलब नहीं है कि वे लापरवाह हो जाएं। उन्होंने कहा कि अगली सर्दियों में भी मास्क लगाना पड़ सकता है।

 

इटली में भी हालात बिगड़े

यूरोप के एक और देश इटली में भी हालात नहीं सुधरे हैं। मंगलवार को यहां मरने वालों का आंकड़ा 60 हजार से ज्यादा हो गया। मंगलवार को यहां एक ही दिन में 564 और लोगों की मौत हुई। इसी दौरान करीब 19 हजार नए मामले सामने आए। यहां सोमवार को 21 हजार मामले सामने आए थे। कोरोना ने मौतों के मामले में इटली दुनिया में इस वक्त छठवें स्थान पर है।

 

 

इटली के रोम में मंगलवार को एक वॉल पेंटिंग के सामने से गुजरती महिलाएं। देश में मरने वालों का आंकड़ा 60 हजार से ज्यादा हो गया है। सरकार ने यहां लोगों से मास्क लगाने के मामले में लापरवाही न बरतने को कहा है।
इटली के रोम में मंगलवार को एक वॉल पेंटिंग के सामने से गुजरती महिलाएं। देश में मरने वालों का आंकड़ा 60 हजार से ज्यादा हो गया है। सरकार ने यहां लोगों से मास्क लगाने के मामले में लापरवाही न बरतने को कहा है।

 

ट्रम्प के वकील अब बेहतर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के वकील रूडी गिउलानी संक्रमण के बाद अब स्वस्थ हैं और उन्हें आज हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया जा सकता है। 76 साल के रूडी न्यूयॉर्क के मेयर भी रह चुके हैं। चुनाव के बाद ट्रम्प ने जितने धांधली के मुकदमे दायर किए हैं, उनकी पैरवी रूडी ही कर रहे हैं। रविवार को उन्हें कोरोना संक्रमित पाया गया था। मंगलवार को उन्होंने कहा- अब मुझे बुखार और कफ की दिक्कत नहीं है।

 

जर्मनी प्रतिबंध सख्त करेगा

फ्रांस में लॉकडाउन को मिली कामयाबी के बाद आखिरकार जर्मन सरकार ने भी इस मामले में अपना रुख बदल लिया है। जर्मनी की हेल्थ मिनिस्ट्री ने मंगलवार रात कहा- फिलहाल, जो हालात हैं उनको गंभीरता से लेना होगा। हमारे पास अब प्रतिबंधों को सख्त करने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं हैं। देश में जल्द ही तमाम स्कूल बंद किए जा सकते हैं। इसके अलावा गैर जरूरी दुकानें भी बंद की जा सकती हैं। माना जा रहा है कि सरकार लॉकडाउन भी घोषित कर सकती है।

 

वैक्सीनेशन अनिवार्य न करें

WHO ने कहा है कि कोविड-19 वैक्सीन को अनिवार्य यानी मेंडेटरी नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने कहा- बेहतर ये होगा कि इसका इस्तेमाल मेरिट के आधार पर किया जाए। अनिवार्य करने से कोई फायदा नहीं होगा। जिनको जरूरत है, उन्हें जरूर दी जानी चाहिए। अब हमें यह देखना होगा कि देश इस वैक्सीन का इस्तेमाल किस तरह करते हैं। दूसरी तरफ, यूएन की हेल्थ एजेंसी ने इस मेंडेटरी करने को कहा है।