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महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के ‘भक्त’ को अपनी कांग्रेस में शामिल कराकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ घिरते नजर आ रहे हैं. ग्वालियर में बुधवार को की मौजूदगी में बाबूलाल चौरसिया कांग्रेस में शामिल हुए.

महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के ‘भक्त’ को अपनी कांग्रेस में शामिल कराकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ घिरते नजर आ रहे हैं. ग्वालियर में बुधवार को की मौजूदगी में बाबूलाल चौरसिया कांग्रेस में शामिल हुए. यही वही बाबूलाल चौरसिया हैं, जिन्होंने 15 नवंबर 2017 में नाथूराम गोडसे का मंदिर बनवाया था और गोडसे की आरती उतारी थी.

30 जनवरी 1948.. दिल्ली का बिड़ला भवन… वो तारीख, वो जगह, जहां बापू को गोलियों से छलनी किया गया. बापू की हत्या से हिंदुस्तान ही नहीं दुनिया हिल गई..पंडित नेहरू ने इसे प्रकाश का चले जाना और इंसानियत का अंधेरे से घिर जाने वाला अपराध बताया. अब विडंबना देखिए कि गांधी-नेहरू की विचारधाराओं के बूते राजनीति करती रही कांग्रेस में गोडसे भक्त का स्वागत-सत्कार हो रहा है. आदर और पुरस्कार दिया जा रहा है..बीजेपी पूछ रही है क्या कांग्रेस इतनी विचारशून्य हो गई कि उसे गोडसे भक्त में सियासी संभावना दिखने लगी

पिछलले दिनों बाबूलाल चौरसिया की एक तस्वीर खूब वायरल हुई थी. सिर पर हिंदु महासभा की केसरिया टोपी, हाथ में आरती की थाल और सामने बापू के हत्यारे की मूर्ति.. एक कातिल को आराध्य मानकर आराधना हो रही है. कातिल भी ऐसा जिसने गांधी जैसे युगपुरुष को गोलियों से छलनी कर दिया.

ये तस्वीरें विचलित करने वाली हैं. खून खौला देने वाली है, लेकिन खुद को गांधीवाद की सबसे बड़ी समर्थक बताने वाली कांग्रेस पार्टी को गोडसे का ये भक्त भा गया. गोडसे के इस पूजारी को कांग्रेस ने गले लगा लिया. आदर-सम्मान के साथ परिवार की सदस्यता दे दी. मध्यप्रदेश कांग्रेस ने किस धूम-घड़ाके से गोडसे भक्त की अगवानी की ये इस ट्वीट में दिख रहा है.

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट करके कहा, ‘हिन्दू महासभा के नेता कांग्रेस में शामिल, ग्वालियर के वार्ड 44 के पार्षद एवं हिन्दू महासभा के नेता श्री बाबूलाल चौरसिया आज प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ जी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए, श्री चौरसिया जी का कांग्रेस परिवार में स्वागत है.’

आपको बता दें कि बाबूलाल चौरसिया ग्वालियर के वार्ड 44 के पार्षद हैं, 15 नवंबर 2017 को इन्होंने नाथूराम गोडसे का मंदिर बनवाया, मंदिर में नाथूराम गोडसे की पूजा हुई थी, आरती उतारी गई थी, उस वक्त कांग्रेस ने बाबूलाल चौरसिया के खिलाफ खूब हंगामा किया था, लेकिन अब कांग्रेस में उनका स्वागत सत्कार किया जा रहा है.

खैर बाबूलाल चौरसिया से जब आजतक ने उनकी गोडसे भक्ति के बारे में पूछा तो उन्होंने बड़े भोलेपन से जबाब दिया कि वे जन्मजात कांग्रेसी हैं, हिन्दू महासभा ने उन्हें अंधेरे में रखकर गोडसे की पूजा कराई थी, पिछले 2-3 साल से वे इनके इस तरह के कार्यक्रम से दूरी बनाकर चल रहे थे, उनके मन में हिन्दू महासभा की विचारधारा समाहित नहीं हो सकी.