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हरिद्वार कुंभ में रमता पंचों ने बड़ी संख्या में साधु संतों और नागा साधुओं के साथ शोभायात्रा निकाली. शोभायात्रा परंपरागत तरीके से श्यामपुर कांगड़ी से चलकर चंडी घाट, हनुमान मंदिर, लालताराव पुल, भगत सिंह चौक होते हुए पाण्डेवाला में बनाई गई छावनी में पहुंचे.
श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा में भी हरिद्वार में कुंभ की गतिविधियां विधिवत शुरू हो गई हैं. मंगलवार को अखाड़े के रमता पंचों ने बड़ी संख्या में नागा साधुओं और अग्नि अखाड़ा, किन्नर अखाड़े के संतों के साथ धूमधाम से हर हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयघोष के साथ ज्वालापुर के पांडेय वाला स्थिति छावनी में नगर प्रवेश किया.
रमता पंचों ने बड़ी संख्या में साधु संतों और नागा साधुओं के साथ शोभायात्रा निकाली. शोभायात्रा परंपरागत तरीके से श्यामपुर कांगड़ी से चलकर चंडी घाट, हनुमान मंदिर, लालताराव पुल, भगत सिंह चौक होते हुए पाण्डेवाला में बनाई गई छावनी में पहुंची.
इससे पूर्व चंडी घाट पर मेलाधिकारी दीपक रावत, मेला आईजी संजय गुंज्याल, अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह आदि ने रमता पंचों का स्वागत किया और पाण्डेवाला पहुंचने पर भी रमता पंचों और अन्य संतों का स्वागत किया गया. जूना अखाड़े के साथ किन्नर अखाड़े ने भी नगर प्रवेश किया है.
इसी के साथ मंगलवार से जूना अखाड़े समेत अग्नि और किन्नर अखाड़े का कुंभ मेले में आगाज हो गया है. अब से जो भी अखाड़े के संत और नागा साधु आएंगे सभी छावनी में ही आएंगे, और यहां से सभी 4 मार्च को जूना और अग्नि अखाड़े की पेशवाई के साथ अखाड़े की मेला छावनी में प्रवेश करेंगे. इस दौरान कुंभ के सभी कार्य छावनी से ही सम्पन्न होंगे.
पाण्डेवाला में छावनी में इन पंचों के लिए खुले मैदान में टेंट लगाए गए हैं और इन्ही टेंटों में इनके रहने, खाने-पीने आदि की व्यवस्था भी की गई है.
बता दें कि अखाड़ों से जुड़े रमता पंच उन संतों को कहा जाता है जो देशभर में भ्रमण और धर्म का प्रचार प्रसार करते रहते हैं और कुंभ पर स्नान करने के लिए एकत्र होकर नगर प्रवेश करते हैं. नगर प्रवेश के बाद तीनों ही अखाड़े के साधु संतों ने अपनी छावनी में प्रवेश किया और 3 मार्च को जूना, अग्नि और आह्वान अखाड़े की धर्मध्वजा स्थापित होगी.
असल में, कुंभ नगरी हरिद्वार का मंगलवार को अलग ही नजारा देखने को मिला, जब जूना अखाड़े के रमता पंचों और नागा संन्यासी शोभा यात्रा के माध्यम से अपनी छावनी के लिए रवाना हुए. जूना अखाड़े के नागा संन्यासियों के साथ अग्नि अखाड़े के साधु-संत और किन्नर अखाड़े के संत भी मौजूद रहे.
जूना अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी नारायण गिरी का कहना है कि जूना अखाड़े द्वारा नगर प्रवेश किया गया. नगर प्रवेश में रमता पंच नागा संन्यासी शामिल रहे. नगर प्रवेश में किन्नर अखाड़ा के साधु-संत दंडी स्वामी सब शामिल रहे. इनका कहना है कि आज से हमारे कुंभ की शुरुआत हो गई है.
जूना अखाड़े के साथ अग्नि अखाड़े के साधु संतों द्वारा भी नगर प्रवेश किया गया. अग्नि अखाड़े के श्री महंत साधनानंद ब्रह्मचारी का कहना है कि कुंभ मेले की हमारी प्रारंभिक यात्रा निकाली गई. इसको हम नगर प्रवेश के रूप में मनाते हैं. श्यामपुर के कांगड़ी से नगर प्रवेश शुरू होकर पांडेवाला ज्वालापुर में खत्म हुआ. सभी साधु संत पांडेवाला में छावनी में निवास करेंगे और उसके बाद 4 तारीख को जूना अखाड़े के साथ पेशवाई निकालेंगे.