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तुलसी का पौधा लगभग हर घर में पाया जाता है. तुलसी का पौधा बुध का प्रतिनिधित्व करता है, जो भगवान कृष्ण का एक स्वरूप माना गया है. कई घरों में तुलसी की पूजा भी की जाती है लेकिन अगर तुलसी सही जगह ना रखी जाए तो ये अशुभ फल भी देती है.

छोटा घर होने, बालकनी ना होने या फिर अच्छी धूप के लिए कई लोग तुलसी का पौधा अपनी छतों पर रखते हैं. वास्तु के अनुसार, तुलसी का पौधा छत पर रखने से दोष लगता है. अपनी कुंडली में बुध की स्थिति का पता जरूर लगाएं. जिन लोगों का बुध धन से संबंध रखता है और वो लोग तुलसी को छत पर रखते हैं तो उन्हें आर्थिक हानि होनी शुरू हो जाती है.

इसके अलावा कुछ और बातों पर भी ध्यान देने की जरूरत है. अगर आपने अपने घर की तुलसी छत पर रखी हुई है तो निश्चित रूप से आपके घर की उत्तर दिशा में चीटियां निकलनी शुरू हो जाएंगी. घर की उत्तर दिशा में कहीं ना कहीं दरारें पड़नी भी शुरू हो जाएंगी.

जिन लोगों के घर पर तुलसी का पौधा होता है वहां पर चिड़िया या कबूतर अपना घोंसला बना लेते हैं. इसे बुरे केतु की निशानी माना जाता है.

जो लोग घर की छत पर तुलसी रखते हैं आमतौर पर उनकी कुंडली में एक दोष मिलता है जिसे प्राकृत दोष कहते हैं. प्रकृति से जो ऋण या दोष हमें मिलता है उसे प्राकृत दोष कहते हैं और इसका सीधा संबंध बुध से होता है.

जिसका बुध खराब हो उसका पता घर की उत्तर दिशा से चलता है. ऐसे में अगर घर की तुलसी को छत पर रख दिया जाए तो बुध की स्थिति और खराब हो जाती है जिसका असर आर्थिक रूप से पड़ता है.

बुध बुद्धि के साथ धन का भी ग्रह है. बुध को व्यापार का स्वामी माना जाता है. इसलिए तुलसी के पौधे को कभी भी छत पर ना रखें. तुलसी के पौधे को पूर्व दिशा में भी नहीं रखना चाहिए. इसे आप उत्तर से लेकर ईशान दिशा तक में रख सकते हैं. तुलसी के पौधे को पश्चिम दिशा की तरफ भी रखा जा सकता है.

ध्यान देने वाली बात ये है कि दक्षिण-पश्चिम में और दक्षिण में हमेशा श्यामा तुलसी रखी जाती है. श्यामा तुलसी में पत्तियां बिल्कुल हरी और बड़ी होती हैं. इसे तुलसा जी भी कहते हैं. तुलसा जी को दक्षिण दिशा में रखने पर वास्तु दोष ज्यादा होते हैं.

अगर आपके पास तुलसी जी को छत पर रखने के सिवाय कोई और जगह नहीं है तो एक विशेष उपाय जरूर करें. तुलसी को कभी भी अकेले ना रखें. हमेशा उसे केले के पौधे के साथ रखें. दोनों पौधे बिल्कुल साथ में रखें और इसे मौली से बांध लें. इससे आपको वास्तु दोष की हानि नहीं होगी.