यूपी में BJP का है जमाना तो सपा क्यों बन रही दलबदलुओं का सियासी ठिकाना?
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने सियासी-सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटे...
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने सियासी-सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटे...
विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में लोकतांत्रिक स्थिति की आलोचना की गई है,...
फरवरी महीने में थोक मूल्य आधारित सूचकांक (WPI) बढ़कर 4.17 फीसदी पर...
बंगाल की चुनावी रेस में बीजेपी और टीएमसी एक दूसरे से एक...

श्रेयसी सिंह, राजेश्वरी कुमारी और मनीषा कीर की भारतीय तिकड़ी ने रविवार को आईएसएसएफ निशानेबाजी विश्व कप के अंतिम दिन महिला ट्रैप टीम स्पर्धा के फाइनल में कजाखस्तान को 6-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता.
स्वर्ण पदक के मैच में मेजबान देश की निशानेबाजों को जरा भी पसीना नहीं बहाना पड़ा, उन्होंने कजाखस्तान की सारसेंकुल रिसबेकोवा, ऐजान दोस्मागामबेतोवा और मारिया दिमित्रियेंको को आसानी से पछाड़ दिया. इससे भारत के टूर्नामेंट में स्वर्ण पदकों की संख्या 14 हो गई.
फाइनल में अनुभवी श्रेयसी और मनीषा के काफी कम शॉट निशाने से चूके और उनकी प्रतिद्वंद्वी उनके सामने काफी फीकी साबित हुईं.
राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता श्रेयसी, राजेश्वरी और मनीषा ने डॉ कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में क्वालिफिकेशन राउंड में 321 अंक जुटाए थे, जबकि कजाखस्तान की टीम ने कुल 308 अंक हासिल किए.
शनिवार को श्रेयसी और केनान चेनाई की जोड़ी ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में पदक से चूक गई थी और चौथे स्थान पर रही.
इसके बाद भारत के केनान चेनाई, पृथ्वीराज टोंडाइमान और लक्ष्य श्योराण ने पुरुष टीम ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक के साथ अपने अभियान को शानदार तरीके से खत्म किया.
टोक्यो ओलंपिक से पहले राइफल और पिस्टल निशानेबाजों के आखिरी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के पदक तालिका में शीर्ष पर काबिज भारत ने 15 स्वर्ण सहित 30 पदक अपने नाम किए. इसमें 9 रजत पदक और 6 कांस्य पदक भी शामिल हैं.
भारतीय निशानेबाज इस विश्व कप में हालांकि पहले से हासिल किए गए 15 ओलंपिक कोटे की संख्या में इजाफा करने में नाकाम रहे.