व्यक्तित्व निर्माण से राष्ट्र निर्माण संघ कार्य का लक्ष्य — दीपक विसपुते
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स्कूल बंक मारना, बंक मारकर दोस्तों के साथ शतरंज खेलना, फिर अटेंडेंस कम होने की वजह से बोर्ड एग्जाम नहीं दे पाना, और फिर स्कूल ड्रॉपआउट कर जाना. कहानी बिल्कुल फिल्मी लगती है. लेकिन यह सच्ची कहानी भारत के सबसे युवा अरबपति निखिल कामत की है.
निखिल कामत की पहचान
निखिल कामत की अभी उम्र महज 34 साल है. इस उम्र में वो देश के सबसे युवा अरबपति बन गए हैं. निखिल कामत ब्रोकरेज फर्म जेरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर और CIO हैं. आज जेरोधा देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म कंपनी है. इसकी शुरुआत निखिल कामत ने साल 2010 में की थी.
निखिल कामत की बेहद दिलचस्प कहानी
महज 14 साल की उम्र निखिल कामत के दिमाग बिजनेस का आइडिया आया. उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पुराने फोन खरीदने-बेचने का काम शुरू कर दिया. लेकिन जब घरवालों को इस बारे में पता चला तो फिर उनकी मां ने सारे फोन टॉयलेट में फ्लश कर दिए, और कामत का यह बिजनेस बंद हो गया.
पिछले दिनों एक इंटरव्यू में खुद निखिल कामत ने कहा कि उन्हें स्कूल की ट्रेडिशनल पढ़ाई में मन नहीं लगता था, कामत की मानें तो भले ही पुराने फोन खरीदने-बेचने का उन्होंने 14 साल की उम्र में शुरू किया था, लेकिन उनका पहला बिजनेस यही था. निखिल कामत को शतरंज से बेहद लगाव है.
निखिल कामत की जिंदगी तब एक अहम मोड़ आया जब उन्हें कम अटेंडेंस की वजह से बोर्ड एग्जाम देने से रोका जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने स्कूल ही छोड़ दिया. माता-पिता परेशान थे. स्कूल से ड्रॉपआउट होने के बाद निखिल को भी समझ में नहीं आ रहा था कि अब क्या करें?
स्कूल से ड्रॉपआउट के बाद निखिल ने एक कॉलसेंटर में 8000 रुपये महीने पर नौकरी पकड़ ली. इस नौकरी को पाने के लिए निखिल ने नकली बर्थ सर्टिफिकेट का सहारा लिया था. उस समय निखिल महज 17 साल के थे. निखिल कामत ने अपनी ये दिलचस्प कहानी ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे के साथ शेयर की है.