Madhya Pradesh ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 3 अप्रैल को उज्जैन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 3 अप्रैल को उज्जैन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय काल-गणना के प्रणेता...

अब अन्य राज्यों से यूपी आने वाले सभी प्रवासियों का कोरोना टेस्ट करवाया जाएगा. जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी, उन्हें 14 दिन तक आइसोलेशन में रखा जाएगा और जो लक्षणविहीन रहेंगे, उन्हें 7 दिन तक होम आइसोलेशन में रहना होगा.
उत्तर प्रदेश में भी कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 20 हज़ार 510 नए मामले सामने आए जबकि 68 लोगों की मौत हो गयी. लखनऊ में संक्रमितों का आंकड़ा 5 हज़ार 433 पर पहुंच गया है. राज्य में एक्टिव केस की संख्या एक लाख से ज्यादा है. यूपी में अबतक 9 हज़ार 376 लोग कोरोना की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं.
इस बीच यूपी सरकार ने अन्य राज्यों से आ रहे प्रवासियों को लेकर नया दिशा-निर्देश जारी किया है. अब अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासियों का कोरोना टेस्ट करवाया जाएगा. जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी, उन्हें 14 दिन तक आइसोलेशन में रखा जाएगा और जो लक्षणविहीन रहेंगे, उन्हें 7 दिन तक होम आइसोलेशन में रहना होगा.
अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों के डीएम और कमिश्नर को निर्देश जारी किया है. जिला प्रशासन प्रत्येक प्रवासी का नाम, नंबर और पता का पूरा विवरण रखेगा. साथ ही हर जिले में बनाए गए क्वारनटीन सेंटर में हर प्रवासी को रखा जाएगा और वहीं पर उनका पूरा ब्यौरा दर्ज होगा. इसके अलावा सरकार ने टेस्टिंग और ट्रेसिंग बढ़ाने पर जोर दिया है.
साथ ही रेमडेसिवर इंजेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना स्टेट प्लेन अहमदाबाद भेजकर इसकी 25,000 डोज मंगाई जो बुधवार की शाम को पहुंच गईं. सीएम योगी ने तीसरी बार स्टेट प्लेन को लोगों के जीवन को बचाने में काम आने वाली दवा लाने के लिए अहमदाबाद भेजा है.
बहराइच में भी लगा नाइट कर्फ्यू
कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के बीच बहराइच प्रशासन ने बुधवार को जिले में 30 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है. जिलाधिकारी शंभु कुमार ने कहा कि संक्रमण फैलने पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में 14 से 30 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. इससे पहले श्रावस्ती, कानपुर, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर, इलाहाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, मुजफ्फरनगर जिलों और लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में इस तरह के प्रतिबंध लगाए जा चुके थे.