Free and fair elections in Viksit Bharat -Aditya Trivedi
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हर दिन के साथ नए मामलों की संख्या बढ़ रही है, राजधानी में लगे हुए कई तरह के प्रतिबंध भी कोई असर नहीं दिखा रहे हैं. इस बीच राज्य में बेड्स और ऑक्सीजन की भारी किल्लत हो चली है. राजधानी के कई अस्पतालों में तो आईसीयू बेड्स बिल्कुल ही खत्म हो गए हैं.
कोरोना के बढ़ते संकट के कारण दिल्ली का हाल बेहाल हो चुका है. हर दिन के साथ नए मामलों की संख्या बढ़ रही है, राजधानी में लगे हुए कई तरह के प्रतिबंध भी कोई असर नहीं दिखा रहे हैं. इस बीच राज्य में बेड्स और ऑक्सीजन की भारी किल्लत हो चली है. राजधानी के कई अस्पतालों में तो आईसीयू बेड्स बिल्कुल ही खत्म हो गए हैं.
दिल्ली में बेड्स का ये है ताजा हाल
दिल्ली सरकार की वेबसाइट के मुताबिक, अभी दिल्ली में 18130 बेड्स हैं, इनमें से 15104 भर गए हैं, जबकि 3026 बेड्स खाली हैं. वहीं, अगर आईसीयू बेड्स की बात करें तो कुल 4206 में से 4105 भर गए हैं और सिर्फ 101 आईसीयू बेड्स ही खाली हैं.
दिल्ली में कोरोना का हाल
• 24 घंटे में आए केस: 25462
• 24 घंटे में हुई मौतें: 161
• पॉजिटिविटी रेट: 29.64%
• कुल केस की संख्या: 8,53,460
• अबतक हुई कुल मौतें: 12,121
बेड्स को लेकर दिल्ली में किल्लत
दिल्ली में तेज़ी से बढ़ती एक्टिव केस की संख्या ने अस्पतालों में बेड्स की कमी कर दी है. अब दिल्ली सरकार ने सभी प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम से अपने यहां 80 फीसदी बेड्स सिर्फ कोविड मरीजों के लिए रिजर्व रखने को कहा है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है और मांग की है कि केंद्र सरकार के अस्पतालों में 7000 बेड्स कोविड मरीजों के लिए रिजर्व होने चाहिए.
इस संकट के बीच दिल्ली के कई अस्पतालों में आईसीयू बेड्स पूरी तरह से खत्म हो गए हैं. दिल्ली सरकार की एप पर भी अब कई अस्पताल जीरो ही बेड्स दिखा रहे हैं. बिगड़ते हुए हालातों के बीच दिल्ली में सरकार द्वारा अब बड़े स्टेडियम, मंदिरों, खाली ग्राउंड को कोविड अस्पतालों में बदला जा रहा है और अतिरिक्त बेड्स की व्यवस्था की जा रही है.