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गुजरात में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. इसे रोकने के लिए अब मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने एक अहम फैसला लिया है. उन्होंने गुजरात की सभी क्लीनिक और दवाखानों में कोरोना मरीजों के इलाज की अनुमति दे दी है.

गुजरात में कोरोना का संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है. यहां हर दिन कोरोना के मामले रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं. इस बीच मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कोरोना को काबू करने के लिए एक अहम फैसला लिया है. उन्होंने राज्य के सभी प्राइवेट अस्पतालों, क्लीनिक, प्राइवेट दवाखानों और नर्सिंग होम्स को कोरोना मरीजों के इलाज की इजाजत दे दी है. कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए इन्हें किसी मंजूरी की जरूरत भी नहीं होगी. सिर्फ इस बारे में जिला कलेक्टर को बताना होगा.

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने सभी प्राइवेट अस्पतालों, दवाखानों, क्लीनिक और नर्सिंग होम्स को 15 जून तक कोरोना मरीजों का इलाज करने की इजाजत दी है. इसके साथ ही रुपाणी ने एक और अहम फैसला लिया है. उन्होंने कोरोना मरीजों के इलाज में लगे मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ के सभी लोगों को अगले तीन महीने तक प्रोत्साहन राशि देने का फैसला लिया है. यानी, 30 जुलाई तक सभी मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ को एक्स्ट्रा सैलरी दी जाएगी.

गुजरात में लॉकडाउन की जरूरत नहीं

मंगलवार को सीएम विजय रुपाणी ने अधिकारियों के साथ बैठक की. इस मीटिंग में उन्होंने बताया कि राज्य में अभी लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, “अगर जरूरत पड़ी, तो हम लॉकडाउन लगाने के बारे में सोचेंगे. लेकिन फिलहाल ऐसी कोई जरूरत नहीं है. 20 शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. अगर मामले बढ़ते हैं, तो बाकी शहरों में भी नाइट कर्फ्यू लगाया जा सकता है.”

उन्होंने बताया कि हमने कोरोना को रोकने के लिए पहले ही बहुत इंतजाम कर रखे हैं. उन्होंने बताया, “कोरोना को फैलने से रोकने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं. हमने स्कूल, कॉलेज, मॉल, थियेटर बंद कर दिए हैं. सभी तरह के जमावड़ों पर रोक लगा दी है. यहां तक कि बड़े शहरों में हमने बस सर्विस भी बंद कर दी है.” उन्होंने लोगों से अपील की कि जब तक हालात ना सुधरें, तब तक घर से बाहर ना निकलें.

गुजरात में कोरोना ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

गुजरात में पिछले 24 घंटे में कोरोना के सारे रिकॉर्ड टूट गए. मंगलवार को बीते 24 घंटे में कोरोना के 12,206 नए मामले सामने आए. 121 लोगों की मौत हो गई. अब तक राज्य में कोरोना के 4,28,178 मामले आ चुके हैं और 5,615 लोगों की मौत हो चुकी है. फिलहाल 5,615 मरीजों का इलाज चल रहा है.