slider

स्वदेशी जागरण मंच (SJM) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कोविड-19 के वैक्सीन और दवाओं को पेटेंट मुक्त किया जाए, ताकि कोई भी मैन्युफैक्चरर इसे बना सके और कोविशील्ड और कोवैक्सीन जैसे टीकों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके.

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के आनुषांगिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच (SJM) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कोविड-19 के वैक्सीन और दवाओं को पेटेंट मुक्त किया जाए, ताकि कोई भी मैन्युफैक्चरर इसे बना सके और कोविशील्ड और कोवैक्सीन जैसे टीकों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके.

स्वदेशी जागरण मंच ने कहा है कि कोरोना की दवाओं और वैक्सीन के उत्पादन के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की सुविधा दी जाए. एसजेएम ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह भारत के पेटेंट कानून में नरमी लाते हुए ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को कोविड-19 के टीके और दवाओं का उत्पादन करने की छूट दे.

पेटेंट अधिकारों को खत्म करे सरकार

एक बयान में स्वदेशी जागरण मंच ने कहा कि सरकार या तो अपने कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए पेटेंट अधिकारों को खत्म करे और सरकारी जरूरत के लिए इन उत्पादों का निर्माण कराए या पेटेंट एक्ट के सेक्शन 92 के तहत एक अनिवार्य लाइसेंस जारी करे ताकि Remdesivir , Favirapvir,Tociluzumab और Molnupiravir जैसी दवाओं का उत्पादन बढ़ाया जा सके.

स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा, ‘Remdesivir और Favirapvir का स्थानीय उत्पादन हो रहा है, लेकिन इनकी उपलब्ध मात्रा लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है. इसी तरह कोविड-19 के मरीजों के उपचार में एक और महत्वपूर्ण दवा Tocilizumab है, जिसका भारत में उत्पादन नहीं होता. आयात के द्वारा इस दवा की जरूरत नहीं पूरी की जा सकती.

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर किया जाए

स्वदेशी जागरण मंच ने कहा कि जो भी कंपनी वैक्सीन बनाना चाहती है, उसे टेक्नोलॉजी ट्रांसफर किया जाए और उसे सभी तरह के ट्रेड सीक्रेट भी दिए जाएं. इससे कोवैक्सीन और कोविशील्ड का उत्पादन तेजी से बढ़ाया जा सकेगा. संगठन ने रूसी स्पुतनिक V वैक्सीन के स्थानीय उत्पादन को शुरू करने के लिए भी मंजूरी देने की मांग की और यह भी मांग की है कि सभी कोविड टीकों के दाम उनके लागत के आधार पर एक सीमा में रखे जाएं.