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कोरोना संक्रमण के चलते आईपीएल 2021 को अनिश्चितकाल के स्थगित कर दिया गया. बायो-बबल में कोविड-19 के मामले सामने आने के बाद बीसीसीआई को यह निर्णय लेना पड़ा. टूर्नामेंट स्थगित करने तक आईपीएल-14 में कुल 29 मुकाबले ही खेले जा सके थे.

कोरोना संक्रमण के चलते आईपीएल 2021 को अनिश्चितकाल के स्थगित कर दिया गया. बायो-बबल में कोविड-19 के मामले सामने आने के बाद बीसीसीआई को यह निर्णय लेना पड़ा. टूर्नामेंट स्थगित करने तक आईपीएल-14 में कुल 29 मुकाबले ही खेले जा सके थे. इस दौरान कई बेहतरीन परफॉर्मेंस देखने को मिले. शिखर धवन, पृथ्वी शॉ, हर्षल पटेल जैसे खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से फैन्स के दिलों में खास जगह बनाई. वहीं, दूसरी ओर कुछ खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से प्रशंसकों को काफी निराश किया.

IPL-14: अब तक इन खिलाड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन –

1. डेविड वॉर्नर: सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की बात करने पर डेविड वॉर्नर का नाम सबसे पहले आता है. वॉर्नर पांच सत्रों से भी अधिक समय तक इस टीम के अहम अंग रहे हैं. 2014 के बाद से वॉर्नर हर सीजन में 500 से अधिक रन बनाने में कामयाब रहे थे. 2016 में वॉर्नर की ही कप्तानी में सनराइजर्स ने आईपीएल का खिताब जीता था. आक्रामक बल्लेबाजी की शैली के चलते वॉर्नर गेम को विपक्षी टीम से दूर ले जाने की काबिलियत रखते हैं. पिछले साल भी उन्होंने 134.64 की स्ट्राइक रेट के साथ 548 रन बनाए थे. लेकिन, इस साल वह एक बल्लेबाज और कप्तान के रूप में विफल रहे. सनराइजर्स सात में से सिर्फ एक मैच जीतने में सफल रही. वॉर्नर की बल्लेबाजी की बात करें, तो वह छह पारियों में 110.28 की खराब स्ट्राइक रेट से 193 रन बना पाए. जब सनराइजर्स के सातवें मुकाबले में वॉर्नर को प्लेइंग इलेवन से बाहर किया गया तो हर कोई हैरान रह गया.

2. शुभमन गिल: 2018 से शुभमन गिल कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम का हिस्सा हैं. भारत के पिछले ऑस्ट्रेलियाई दौरे में गिल ने बल्ले से उपयोगी योगदान दिया था. ब्रिस्बेन टेस्ट में गिल ने शानदार 91 रन बनाकर भारत के जीत की नींव रखी थी. लेकिन उस दौरे के बाद से गिल आउट ऑफ फॉर्म हो गए हैं. गिल इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज और आईपीएल सत्र में बुरी तरह फ्लॉप रहे. आईपीएल-14 में गिल ने 7 मैचों में 18.85 के खराब औसत के साथ 132 रन बनाए. इस दौरान स्ट्राइक रेट 117.85 का रहा, जो बतौर ओपनर ओपनिंग बेहद खराब है. अगर गिल केकेआर को बेहतर शुरुआत देते, तो उसका प्रदर्शन अच्छा रह सकता था.

3. निकोलस पूरन: पंजाब किंग्स के बल्लेबाज (PBKS) के बल्लेबाज निकोलस पूरन के लिए आईपीएल-14 किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है. पूरन आईपीएल के इस सीजन में 6 पारियों में 4.66 की औसत से महज 28 रन बना सके हैं. इस दौरान वह चार बार शून्य पर आउट हुए. उन्होंने आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने के शर्मनाक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. पूरन को पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2019 की नीलामी में 4.2 करोड़ रुपये में खरीदा था. आईपीएल 2019 में पूरन ने 7 मैचों में 28 की औसत से 168 रन बनाए थे. वहीं, 2020 के सीजन में पूरन ने बढ़िया प्रदर्शन करते हुए 14 मैचों में 35.30 की औसत से 353 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले थे.

4.ईशान किशन: मुंबई इंडियंस (MI) की टीम इस सीजन उतनी लय में नहीं दिखी थी. इसकी एक वजह मिडिल ऑर्डर में उनके भारतीय खिलाड़ियों का रन बनाने के लिए संघर्ष करना रहा. ईशान किशन भी उन खिलाड़ियों में शामिल थे. ईशान ने इस सीजन पांच मैचों में 82.95 के स्ट्राइक रेट के साथ 73 रन बनाए. इन पांच मैचों में उनका एवरेज 14.60 का रहा. ईशान किशन जिस ‘अटैकिंग अप्रोच’ के लिए जाने जाते हैं, वह उनमें बिल्कुल नहीं देखने को मिला. हालांकि ईशान किशन पिछले साल मुंबई इंडियस (MI) के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे. ईशान पिछले सीजन में 57.33 की औसत और 145.76 की स्ट्राइक रेट से 516 रन बनाने में सफल रहे थे.

5. इयोन मॉर्गन: इयोन मॉर्गन की कप्तानी में इंग्लैंड की टीम ने एक नई पहचान बनाई है. लेकिन वर्ल्ड चैम्पियन कप्तान मॉर्गन आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की किस्मत बदलने में असफल रहे हैं. पिछले सीजन के बीच में उन्हें दिनेश कार्तिक की जगह कप्तानी की जिम्मेदारी मिली थी. मॉर्गन इस सीजन बल्ले से अपना प्रभाव नहीं छोड़ सके हैं. मॉर्गन सात पारियों में 112.19 के स्ट्राइक रेट और 15.33 के औसत से 92 रन बना पाए. इसके अलावा उनकी कप्तानी भी सवालों के घेरे में रही. उदाहरण के लिए उन्होंने दिल्ली के खिलाफ पैट कमिंस की जगह शिवम मावी के साथ गेंदबाजी की शुरुआत कराई. मावी के पहले ही ओवर में पृथ्वी शॉ ने लगातार छह चौके जड़ दिए.

6. हार्दिक पंड्या: हार्दिक पंड्या की सफलता के पीछे आईपीएल का बड़ा हाथ रहा है. पंड्या को खुद पर इतना भरोसा है कि वह मैच विजयी पारी खेलने के बाद भी शांत रह पाते हैं. हार्दिक पंड्या का आईपीएल करियर स्ट्राइक रेट 157.23 का रहा है. इन वर्षों में वह मुंबई इंडियंस की रीढ़ की हड्डी रहे हैं. वह चार ओवर गेंदबाजी करने के साथ ही आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने के लिए मशहूर हैं. आईपीएल के पिछले सीजन पंड्या ने 178.98 की स्ट्राइक रेट से 281 रन बनाए थे. लेकिन इस सीजन उन्होंने 7 मैचों में 8.66 की औसत से महज 52 रन बनाए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 118.18 का रहा है.

7.शार्दुल ठाकुर: भारतीय टीम के पिछले ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर शार्दुल ठाकुर ने अपनी छाप छोड़ी थी. शार्दुल का मुख्य काम बीच के ओवरों और डेथ ओवरों के दौरान गेंदबाजी करना रहता है. शार्दुल अहम मौकों पर विकेट चटकाने में माहिर है. इसके चलते टीम इंडिया और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं. आईपीएल करियर में शार्दुल का इकोनॉमी रेट 9.13 का रहा है. इस सीजन में शार्दुल ने सीएसके के प्रशंसकों को निराश किया है. उन्होंने सात मैचों में केवल 5 विकेट लिए हैं. इस दौरान उनका बेस्ट गेंदबाजी प्रदर्शन 52 रन देकर दो विकेट रहा, जो किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है. शार्दुल की इकोनॉमी रेट की बात करें तो वह भी 10.33 का रहा.

8. युजवेंद्र चहल: युजवेंद्र चहल विकट परिस्थितियों में विकेट निकालने के लिए जाने जाते हैं. पिछले साल उन्होंने आईपीएल के 15 मैचों में 21 विकेट लिये थे. वह बल्लेबाजों को अपने लेग-स्पिन से चकमा देने में कामयाब रहे थे. लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का यह स्पिन गेंदबाज इस सीजन अपनी पुराने फॉर्म में नहीं दिखा. चहल ने इस सीजन 7 मैचों में चार विकेट लिये हैं. इस दौरान उनका बेस्ट गेंदबाजी प्रदर्शन 34 रन देकर दो विकेट का रहा. चहल ने 106 आईपीएल मैचों में 125 विकेट निकाले हैं. लेकिन, इस सीजन वह नियमित अंतराल पर विकेट चटकाने में कामयाब नहीं हुए.