वैक्सीन के लिए यूपी सरकार की ओर से निकाले गए ग्लोबर टेंडर में अब मॉडर्ना, फाइजर, केडला और दूसरी वैक्सीन कंपनियों को भी टेंडर में शामिल होने की इजाजत मिलेगी.
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने बड़ा प्लान बनाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव से पहले प्रदेश के सभी लोगों को फ्री में वैक्सीन लगाने का आदेश दिया है. इस वजह से अब वैक्सीन के लिए निकाले गए ग्लोबल टेंडर में कई बदलाव किए जा रहे हैं.
वैक्सीन के लिए यूपी सरकार की ओर से निकाले गए ग्लोबर टेंडर में अब मॉडर्ना, फाइजर, केडला और दूसरी वैक्सीन कंपनियों को भी टेंडर में शामिल होने की इजाजत मिलेगी. सरकार जैसे ही इन कंपनियों को वैक्सीन के इस्तेमाल की इजाजत देगी वैसे ही यह सभी कंपनियां भी इस टेंडर प्रक्रिया का हिस्सा हो जाएंगी.
अभी निकाले गए टेंडर के मुताबिक, ज्यादातर बड़ी कंपनियां इसलिए बाहर हैं, क्योंकि उन्हें अभी तक इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत नहीं मिली है. हालांकि, कई कंपनियों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही मंजूरी मिल सकती है, जिसमें जाइडस केडला की वैक्सीन, जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन, मॉडर्ना और फाइजर की वैक्सीन शामिल हैं.
टॉइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी सरकार की ओर से 7 मई को जारी टेंडर के मुताबिक, किसी भी कंपनी को 2 से 8 डिग्री के बीच वैक्सीन स्टोर करने का नियम रखा गया था. इस नियम की वजह से मार्डना और फाइजर पहले ही रेस से बाहर हो गए थे, क्योंकि फाइजर को माइनस 70 डिग्री और मार्डना को माइनस 20 डिग्री तापमान चाहिए होता है.
अभी जितनी कंपनियों ने प्रीपेड चर्चा में हिस्सा लिया था, सभी की ये मांग थी कि उन्हें भी इस ग्लोबल टेंडर में बने रहने की इजाजत मिलनी चाहिए, इसलिए सरकार अब ग्लोबल टेंडर के नियम में बदलाव कर रही है. सरकार की कोशिश है कि जो भी मूल्य L-1 पर तय होगा उस दर पर इन सभी कंपनियों को भी वैक्सीन देने की इजाजत होगी.
योगी सरकार की कोशिश है कि चुनाव के पहले पूरे उत्तर प्रदेश के लोगों को मुफ्त वैक्सीनेशन करा दिया जाए. प्रदेश की पूरी आबादी 24 करोड़ है और लगभग पौने दो करोड़ लोगों को अभी तक वैक्सीनेट किया जा चुका है. वैक्सीन की कमी के कारण प्रदेश के अधिकतर जिलों में 18 से 44 साल के लोगों का टीकाकरण अभी शुरू नहीं हो पाया है.
However, be wary of any author who’s too eager to sell you their solutions, as these writers will often try for
In various ways this model is preferable to the usual version of publishers paying authors, but it essay writing service does mean that the quality of this writing depends very much upon the standard of the website in which it is hosted.
you to invest as much cash as you can, which isn’t a fantastic idea.








