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कोविड-19 से जुड़ी ऑक्सीमीटर, मेडिकल ऑक्सीजन और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर जैसी राहत सामग्रियों पर जीएसटी की उचित दर क्या हो इसके लिए हाल में एक ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स का गठन किया गया. अब इस मंत्री समूह ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है तो हमें देखना होगा कि क्या राहत सामग्री पर जीएसटी और कम होगा क्या, जानें समूह ने क्या सिफारिशें की है.

जीएसटी काउंसिल की हाल में हुई बैठक के दौरान कोविड-19 से जुड़ी विभिन्न राहत सामग्रियों पर जीएसटी की उचित दर तय करने के लिए एक ग्रुप ऑफ मिनिस्टर बनाया गया था. मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता में बने इस मंत्री समूह ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप दी है. जानें क्या कहा मंत्री समूह ने..

जीएसटी काउंसिल तय करे कर की दर

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक 8 सदस्यों वाले इस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने अपने सुझाव सरकार को भेज दिए हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंत्री समूह का मानना है कि जीएसटी परिषद को वैक्सीन पर कर की दर तय करनी चाहिए. साथ ही उसे अन्य राहत सामग्री पर टैक्स छूट देने को लेकर फैसला लेना चाहिए और इसलिए उन्होंने इस मामले पर अंतिम निर्णय के लिए इसे वापस जीएसटी परिषद भेज दिया है.

5% कम हो जीएसटी

ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि मेडिकल ग्रेड के ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स, पल्स ऑक्सीमीटर और टेस्टिंग किट जैसी अन्य कोविड-19 राहत सामग्री पर जीएसटी की दर में 5% की कमी की जानी चाहिए. कई राज्यों ने कोरोना राहत सामग्री पर पूरी तरह से कर छूट की मांग रखी है. इन सिफारिशों पर निर्णय लेने के लिए परिषद की बैठक फिर होगी.

ब्लैक फंगस की दवा को आयात शुल्क से छूट

जीएसटी परिषद ने अपनी हालिया 28 मई की बैठक में ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाली दवा ‘एम्फोटेरिसिन-बी के आयात को कर से छूट प्रदान कर दी थी. हालांकि ऑक्सीजन और कोविड-19 वैक्सीन जैसे अन्य मेडिकल उत्पादों के लिए कर की दरों पर विचार करने के लिए ही ये मंत्री समूह गठित किया गया.

पिछली बैठक में काउंसिल ने राहत सामग्री के आयात शुल्क से सशर्ट छूट दे दी थी. इस छूट को 31 अगस्त 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया था.