अडानी ग्रुप में निवेश करने वाले 3 विदेशी फंडों के अकाउंट फ्रीज, शेयर धड़ाम - Samacharline.com

विद्यार्थियों को शिक्षित करने से अधिक उन्हें दीक्षित करने की आवश्यकता है – राष्ट्रीय संत बाल योगी श्री उमेश नाथ जी महाराज, ‘कर्मयोगी श्री कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ स्मृति सम्मान 2026’ में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के चार कर्मयोगियों का हुआ सम्मान

उज्जैन। समाज को दिशा देने का...

प्रदेश में तेजी से हो रहा हैं सड़क परियोजनाओं का क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने की प्रदेश में जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा...

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भोपाल के मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट जारी होने पर विभिन्न व्यापारी संघों ने आभार जताकर किया अभिनन्दन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शनिवार...

कारोबारदेश

अडानी ग्रुप में निवेश करने वाले 3 विदेशी फंडों के अकाउंट फ्रीज, शेयर धड़ाम

नेशनल सिक्यूरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने तीन विदेशी फंडों के अकाउंट पर रोक लगा दी है. इन फंडों ने अडानी ग्रुप की कंपनियों में 43,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इस खबर की वजह से अडानी ग्रुप के शेयर आज धड़ाम हो गए.

NSDL ने Albula इनवेस्टमेंट फंड, Cresta फंड और APMS इनवेस्टमेंट फंड के अकाउंट फ्रीज किए हैं. डिपॉजिटरी की वेबसाइट के अनुसार ये अकाउंट 31 मई को या उससे पहले ही फ्रीज किए गए हैं.

सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयर टूटे

इस खबर की वजह से अडानी ग्रुप के शेयर आज धड़ाम हो गए. अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 15 फीसदी टूटकर 1361.25 रुपये पर पहुंच गया. अडानी पोर्ट्स ऐंड इकोनॉमिक जोन 14 फीसदी, अडानी पावर 5 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन 5 फीसदी, अडानी ग्रीन एनर्जी 5 फीसदी, अडानी टोटल गैस 5 फीसदी टूट गया.

अभी तक इस बारे में अडानी ग्रुप की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. ये तीनों फंड मॉरीशस के हैं और सेबी में इन्हें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) के रूप में रजिस्टर्ड किया गया है. तीनों का संयुक्त रूप से अडानी एंटरप्राइजेज में 6.82 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन में 8.03 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 5.92 फीसदी और अडानी ग्रीन में 3.58 फीसदी का निवेश है.

क्यों की गई कार्रवाई

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, ओनरशिप के बारे में पर्याप्त जानकारी न देने की वजह से यह कार्रवाई की गई है. अकाउंट फ्रीज होने का मतलब यह है कि ये फंड अब न तो अपने खाते के शेयर बेच सकते हैं और न ही नए शेयर खरीद सकते हैं.

विदेशी निवेशकों को हैंडल करने वाले डिपॉजिटरी ने कहा कि मनी लॉड्रिंग रोधी कानून (PMLA) के तहत इन अकाउंट से फायदा उठाने वाले स्वामित्व के बारे में पर्याप्त जानकारी न देने की वजह से यह कार्रवाई की गई है. कस्टोडियन आमतौर पर अपने ग्राहकों को ऐसी कार्रवाई से पहले नोटिस देते हैं, लेकिन फंड से कोई जवाब न मिलने पर अकाउंट को फ्रीज करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाती है.