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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन को लेकर लगे घोटाले के आरोपों पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है.

जमीन विवाद का मुद्दा उछलने के बाद अब ट्रस्ट में ही विवाद शुरू हो गया है. कमलनयन दास ने इस विवाद पर ट्रस्ट पर ही सवाल उठाते हुए अनदेखी का आरोप लगाया है. राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास हैं लेकिन वो बीमार चल रहे हैं. जिस वजह से उन्होंने कमलनयन दास को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर रखा है.

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को जमीन विवाद को लेकर तीन ट्वीट किए और घोटाले का आरोप लगाने वालों को रामद्रोही बताया. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि “रामलला का भव्य मंदिर निर्माण राम द्रोहियों को बर्दाश्त नहीं हो रहा.” अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा कि “राम भक्तों को राम द्रोही उपदेश न दें.”

इससे पहले सोमवार को केशव मौर्य ने कहा था कि अगर आरोप साबित हुए तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि जिनके हाथ रामभक्तों के खून से रंगे हैं, उन्हें सलाह नहीं देनी चाहिए.

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आरोप भ्रामक हैं, झांसे में न आएंः चंपत राय

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को एक बार फिर भ्रामक बताया है. उन्होंने न्यूज एजेंसी से कहा, “जो लोग हम पर आरोप लगा रहे हैं, उन्होंने हमसे बात करने की जहमत नहीं उठाई. सारे आरोप भ्रामक हैं और लोगों को झांसे में आने से बचना चाहिए. उन्हें (आरोप लगाने वालों) मंदिर निर्माण के काम को समय पर पूरा करने के लिए सहयोग करना चाहिए.”

उन्होंने आगे कहा, “एक स्क्वायर फीट जमीन की कीमत 1,423 रुपए है, जो मार्केट वैल्यू से काफी कम है. टैक्स को लेकर कोई गड़बड़ी न हो, इसलिए हमने नेट बैंकिंग के जरिए लेन-देन किया.”

क्या है पूरा मामला?

सपा के पूर्व विधायक नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर के लिए ट्रस्ट ने दो करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ रुपए में खरीदी. उन्होंने आरोप लगाया है कि 12,080 वर्ग मीटर की जमीन सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने दो करोड़ में खरीदी थी. इसका बैनामा भी दो करोड़ में भी हुआ. लेकिन 10 मिनट बाद इसी जमीन को ट्रस्ट ने 18.5 करोड़ रुपए में खरीद लिया. उन्होंने जमीन खरीद में घोटाले का आरोप लगाया है.