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UP Board Evaluation Criteria: तय फ़ॉर्मूले के अनुसार, 10वीं के छात्रों को कक्षा 9 के 50 प्रतिशत और 10वीं प्री बोर्ड के प्राप्तांक के 10 प्रतिशत नंबर देकर नतीजा घोषित किया जायेगा. इसी तरह इंटरमीडिएट के नतीजों के लिये 10वीं कक्षा के 50 प्रतिशत अंक, 11वीं कक्षा के 40 प्रतिशत अंक और 12वीं प्री-बोर्ड के 10 प्रतिशत अंक देकर नतीजे घोषित किये जाएंगे.
इसी तरह इंटरमीडिएट के नतीजों के लिये 10वीं कक्षा के 50 प्रतिशत अंक, 11वीं कक्षा के 40 प्रतिशत अंक और 12वीं प्री-बोर्ड के 10 प्रतिशत अंक देकर नतीजे घोषित किये जाएंगे. इस मामले में शिक्षा विभाग को लोगों से 3910 सुझाव भी मिले थे. सुझाव देने वाले लोगों में विधायक, शिक्षक, शिक्षाविद् और अभिभावकों के सुझाव आये हैं.
इस मामले में शिक्षा विभाग की तरफ़ से 20 जून को मुख्यमंत्री को ड्राफ़्ट सौंपा जायेगा जिसके बाद इस नियम के आधार पर नतीजे घोषित किये जायेंगे. इस व्यवस्था में छात्रों की पहले से जमा फ़ीस वापस नहीं की जायेगी. इसके बदले उन्हें फिर से अंक सुधार के लिए मौका दिया जायेगा.
16 जून को जारी हुई CBSE बोर्ड की मार्किंग स्कीम से टीचर और स्टूडेंट्स संतुष्ट नहीं दिखें थे. छात्रों का कहना था कि रिजल्ट में 11वीं के नंबरों को ज्यादा वेटेज दिया गया है जबकि 11वीं के नंबरों को कम वेटेज मिलना चाहिए था. छात्र 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए ज्यादा मेहनत करते हैं और 12वीं कक्षा में ज्यादा नंबरों के लिए मेहनत करते हैं. ऐसे में 11वीं के कम स्कोर की वजह से मार्कशीट खराब हो सकती है. यूपी बोर्ड ने इसे ध्यान में रखते हुए अपने फॉर्मूले में बदलावा किये हैं.