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अब देशभर में फैलेगी यूपी के काला नमक चावल की ‘सुगंध

इस चावल का उत्पादन यूपी के सिद्धार्थ नगर, महराजगंज, बहराइच, बलरामपुर जैसे तराई के जिलों के कुछ खास इलाकों में ही हो पाता है. इसलिए यह काफी महंगा होता है. इसकी मांग काफी ज्यादा है और उत्पादन इस तुलना में काफी कम है.

उत्तर प्रदेश के मशहूर ‘काला नामक’ चावल की सुगंध अब देशभर में फैलेगी. इस चावल की अब Flipkart के माध्यम से देशभर में बिक्री हो सकेगी. Flipkart पर बिक्री के लिए सिद्धार्थनगर से 250 KG की पहली खेप रवाना की गई है.

गौरतलब है कि यह चावल काफी उम्दा किस्म का होता है और इसके पकने के बाद इसमें काफी सुगंध आती है. किसी घर में पकाए जाने पर इसकी महक पूरे मुहल्ले में फैल जाती है. इसका स्वाद भी काफी बेजोड़ होता है.

कुछ खास इलाकों में उत्पादन

लेकिन इस चावल का उत्पादन यूपी के सिद्धार्थ नगर, महराजगंज, बहराइच, बलरामपुर जैसे तराई के जिलों के कुछ खास इलाकों में ही हो पाता है. इसलिए यह काफी महंगा होता है. इसकी मांग काफी ज्यादा है और उत्पादन इस तुलना में काफी कम है.

Flipkart पर बिक्री के लिए सिद्धार्थनगर से 250 किलोग्राम की पहली खेप की रवाना की गई है. यूपी के यूपी के अपर मुख्य सचिव (ACS -MSME) नवनीत सहगल ने इसे वर्चुअल हरी झंडी दिखाई.

विदेश में भी मांग

इस खास किस्म को पूर्वांचल के 11 जिलों में जीआई टैग (GI Tag) प्राप्त हो चुका है. चावल की इस विशेष किस्म में प्रोटीन, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसकी विदेशों में भी मांग शुरू हो गई है.

2019-20 में कई देशों में इसको निर्यात किया गया है. सिंगापुर में पिछले साल करीब 500 क्विंटल चावल एक्सपोर्ट किया गया था. इसी तरह दुबई को 20 क्विंटल तथा जर्मनी को एक क्विंटल चावल निर्यात किया गया था.

इस चावल के लिए यूपी के महाराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थ नगर, संत कबीरनगर, बलरामपुर, बहराइच, बस्ती, कुशीनगर, गोंडा, बाराबंकी, देवरिया और गोंडा को जीआई टैग (GI Tag) मिल चुका है.