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महाराष्ट्र के पुणे में एक प्रोफेसर के साथ अजीब वाक्या हुआ. दरअसल, प्रोफसर हर रोज की तरह अपनी बाईक पर खेत से काम निपटाकर आ रहे थे, तभी उन्हें बाईक की हैंडल से फुंफकार की आवाज सुनाई दी. उन्होंने पहले इग्नोर किया, लेकिन फुंफकार की आवाज बढ़ती देख जब हैंडल में देखा तो वहां था एक सांप फंसा था. सांप भी ऐसा वैसा नहीं, कोबरा.

दरअसल, पुणे जिले के इंदापुर तालुका के निमगाव केतकी गांव में रहने वाले प्रोफेसर सोपान भोंग मंगलवार सुबह अपनी बाइक से खेत के लिए निकल पड़े.

घर से तकरीबन एक किलोमीटर दूरी पर प्रोफेसर भोंग जब खेत का काम निपटाकर घर लौट रहे थे, तभी उन्हें बाइक के हैंडल के पास फुंफकार की आवाज सुनाई दी.

पहले तो उन्होंने इस आवाज की तरफ ध्यान नहीं दिया, लेकिन जैसे ही गाड़ी की स्पीड बढ़ती गई, वैसे आवाज भी बढ़ने लगी. उन्होंने बाईक रोककर गौर से देखा तो हैंडल के पास एक नाग बैठा था.

नाग फन निकाल फुफकार रहा था, लेकिन हैंडल के एक पाइप में फंसने की वजह से बाहर नहीं निकल रहा था. इसके बाद प्रोफेसर के होश उड़ गए. फिर भी हिम्मत जुटाकर प्रोफ़ेसर बाईक को गैरेज तक ले गए.

गैरेज वाला भी बाइक खोलने से बेहद डर रहा था, बाद में एक सर्पमित्र को बुलाकर गाड़ी की हेडलाइट खोली गई, तब गाड़ी में फंसे नाग को बाहर निकाला गया.

तकरीबन 5 फीट लंबाई वाला इंडियन कोबरा प्रजाति का यह नाग था. सर्पमित्र ने उसे बड़ी ही आसानी से बाहर निकाला और उसे वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया.

प्रोफेसर भोंग ने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में सांप बाईक या कार की हेडलाइट, कार गार्ड और पैनल बॉक्स में प्रवेश करते हैं, इसलिए किसान सावधान रहें और बाइक या कार की सवारी करते समय गौर से जांच करें, खेत में बाइक लगाते समय सुरक्षित जगह पर लगाएं ताकि जहरीले सांप न घुसें.