मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत 8 जून को हरियाणा से सोमनाथ के लिए रवाना होगी विशेष ट्रेन : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 11 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब...
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चंडीगढ़, 11 मई – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब...
नई दिल्ली, 11 मई 2026: रिलायंस फाउंडेशन और...

महंत नरेंद्र गिरि की मौत की गुत्थी सुलझाने में यूपी पुलिस लगी हुई है. बुधवार को नरेंद्र गिरि के गनर्स से पूछताछ की गई है, ड्यूटी के दौरान इनकी लापरवाही की बात सामने आई है.
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत (Mahant narendra giri death case update) की गुत्थी अभी पूरी तरह सुलझी नहीं है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (Mahant narendra giri postmortem report) में फांसी से मौत होने की बात पुष्टि हो गई है. पुलिस इस मामले में पूछताछ कर रही है, बुधवार को महंत नरेंद्र गिरि के गनर्स से भी सवाल पूछे गए हैं.
महंत नरेंद्र गिरि की सुरक्षा में तैनात चार गनरों से पुलिस लाइन में पूछताछ हुई है. गनर अजय सिंह, मनीष शुक्ला, अभिषेक मिश्रा और विवेक मिश्रा से सवाल किए गए हैं.
ड्यूटी में लापरवाही
सूत्रों की मानें, तो सरकारी गनरों की ड्यूटी के दौरान लापरवाही की बात सामने आई है. गनर अजय सिंह के खिलाफ आनंद गिरि भी बयान दे चुका है. ऐसे में अब अजय सिंह की भूमिका सवालों के घेरे में है.
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच टीम का गठन हो चुका है, नरेंद्र गिरि के गनर्स से सवाल हो रहे हैं कि वो घटना के वक्त कहां पर थे.
गौरतलब है कि यूपी पुलिस पहले ही इस मामले में आनंद गिरि समेत तीन लोगों को हिरासत में ले चुकी है. आनंद गिरि और आद्या तिवारी से बीते दिन करीब 12 घंटे तक पूछताछ की गई है. आनंद गिरि का नाम क्योंकि सुसाइड नोट में था, इसलिए पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है.
आनंद गिरि ने पुलिस से पूछताछ में कहा है कि उसका महंत जी के साथ विवाद खत्म हो गया था. नरेंद्र गिरि सुसाइड नहीं कर सकते हैं, ये सब उसे फंसाने की साजिश है. हालांकि, अभी पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है.