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सरकार के बचाव में अडानी, कहा- कोरोना संकट से निपटने में केवल एक पहलू की चर्चा

गौतम अडानी ने मंगलवार को जेपी मॉर्गन इंडिया इन्वेस्टर समिट को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता की आड़ में मीडिया कवरेज पक्षपाती नहीं हो सकता और आलोचना राष्ट्रीय गरिमा की कीमत पर नहीं होनी चाहिए.

अडानी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडानी ने कोरोना के मामले में मोदी सरकार का बचाव किया है. उन्होंने भारत के कोविड-19 महामारी से निपटने के तरीके का बचाव करते हुए कहा कि दोष लगाने और खामियां ढूंढने की हड़बड़ी में, इस बात को नजरअंदाज कर दिया गया कि इतनी बड़ी आबादी वाला एक देश यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ओशेनिया की तुलना में इस संकट से कितने बेहतर तरीके से निपटा.

गौतम अडानी ने मंगलवार को जेपी मॉर्गन इंडिया इन्वेस्टर समिट को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता की आड़ में मीडिया कवरेज पक्षपाती नहीं हो सकता और आलोचना राष्ट्रीय गरिमा की कीमत पर नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘शायद हम कुछ चीजें बेहतर कर सकते थे और निश्चित रूप से, एक भी इंसान की जान जाना एक त्रासदी है. लेकिन हमारी आबादी का विशाल आकार यकीनन भारत में किसी भी दूसरे बड़े देश की तुलना में कोविड की चुनौती को बड़ा बना देता है.’

अडानी ने कहा कि वह यह नहीं कह रहे कि आलोचना नहीं की जानी चाहिए लेकिन लोकतंत्र में जवाबदेही भी तय होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘दोष लगाने और खामियां ढूंढ़ने की हड़बड़ी में, यह संभव है कि हम एक दूसरे सकारात्मक पक्ष को स्वीकार करने में विफल रहे कि हम कोविड संकट से कैसे निपटे हैं और किस तरह से निपट रहे हैं.’

अडानी ने साथ ही उन्होंने कहा कि आलोचना राष्ट्रीय गरिमा की कीमत पर नहीं होनी चाहिए. यह एक देश को नीचा दिखाने की कीमत पर नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता की आड़ में मीडिया कवरेज पक्षपाती नहीं होना चाहिए. उद्योगपति ने कहा कि कहानी का हमेशा एक और पक्ष होता है जिसे दुर्भाग्य से नहीं बताया गया.