Neglected Millions vs Global Agendas: Why Are India’s Real Issues Being Pushed Aside? -Kailash Chandra
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गृह मंत्रालय के नाम से भेजे जा रहे एक फर्जी मैसेज में दावा किया जा रहा है कि चीन भारत में अस्थमा और नेत्र रोग कारक विशेष प्रकार के पटाखे और सजावटी लाइट भेज रहा है. लोगों को इस दिवाली चीनी उत्पादों का उपयोग नहीं करने के लिए कहा जा रहा है.
दिवाली से पहले चाइनीज पटाखों को लेकर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, व्हाट्सऐप के जरिये भेजे जा रहे इस मैसेज में चाइनीज पटाखों को लेकर कई तरह की बातें कहीं गई हैं.
दरअसल, गृह मंत्रालय के नाम से भेजे जा रहे एक फर्जी मैसेज में दावा किया जा रहा है कि चीन भारत में अस्थमा और नेत्र रोग कारक विशेष प्रकार के पटाखे और सजावटी लाइट भेज रहा है. लोगों को इस दिवाली चीनी उत्पादों का उपयोग नहीं करने के लिए कहा जा रहा है.
लोगों को गुमराह करने के लिए मैसेज को इस तरह लिखा गया है कि जैसे गृह मंत्रालय द्वारा नोट जारी किया गया हो. लेकिन हकीकत में यह मैसेज फर्जी है. पीआईबी फैक्ट चेक (PIBFactcheck) ने इस मैसेज को फर्जी करार दिया है.
यही फर्जी मैसेज लोगों के मोबाइल पर भेजा जा रहा है….
आवश्यक सूचना 🙏
इंटेलिजेंस के अनुसार, चूंकि पाकिस्तान सीधे भारत पर हमला नहीं कर सकता, इसलिए उसने भारत से बदला लेने की चीन से मांग की है। चीन ने भारत में अस्थमा फैलाने के लिए पटाखों को विशेष प्रकार के पटाखों से भर दिया है, जो कि कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के लिए विषैला है. इसके अलावा, भारत में, नेत्र रोग विकसित करने के लिए विशेष प्रकाश सजावटी रोशनी भी बनाई जा रही है। बड़ी मात्रा में पारो का उपयोग किया गया है, कृपया इस दिवाली से अवगत रहें और इन चीनी उत्पादों का उपयोग न करें। इस संदेश को सभी भारतीयों तक फैलाएं।
जय हिंद
विश्वजीत मुखर्जी,
वरिष्ठ जांच अधिकारी,
भारत सरकार, (CG)
मैसेज के अंत में इसे आगे फॉरवर्ड करने के लिए कहा गया है. लेकिन ऐसे फर्जी संदेशों को साझा न करें. गृह मंत्रालय द्वारा ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई है. लोगों को गुमराह करने के मकसद इस फर्जी मैसेज को वायरल किया जा रहा है.