अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव द्वारा आज मुख्यालय में भ्रमण
अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव द्वारा आज शीर्ष बैंक मुख्यालय...
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पेट्रोल-डीजल तो नहीं, लेकिन खाने के तेलों (खाद्य तेल) के दाम में कमी लाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार के फैसले से त्योहारों से पहले लोगों को महंगाई से थोड़ी राहत मिल सकती है.
दरअसल, केंद्र सरकार ने कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर लगने वाला आयात शुल्क को 6 महीने के लिए खत्म कर दिया है. क्रूड पाम ऑयल पर लगने वाला एग्री सेस को 20 फीसदी से घटाकर 7.5 फीसदी कर दिया है. जबकि क्रूड सोया और सनफ्लावर पर सेस 5 फीसदी कर दिया गया है.
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने एक अधिसूचना में कहा कि शुल्क में कटौती 14 अक्टूबर से प्रभावी होगी और 31 मार्च, 2022 तक लागू रहेगी. यानी अगले साल 31 मार्च तक इन पर इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगा. हालांकि रिफाइंड सोया ऑयल और सनफ्लावर ऑयल पर आयात शुल्क लगता रहेगा.
आयात शुल्क में कटौती का फैसला
इस कटौती के बाद कच्चे पाम पर 8.25 प्रतिशत, सोयाबीन पर 5.5 फीसदी और सूरजमुखी के तेल पर 5.5 प्रतिशत प्रभावी सीमा शुल्क होगा. सरकारी ऐलान के मुताबिक खाद्य तेल में अब केवल कच्चे पाम तेल पर 7.5 फीसद का कृषि अवसंरचना विकास उपकर (एआईडीसी) लगेगा, जबकि कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल के लिए यह दर 5 फीसदी होगी.
इसके अलावा सूरजमुखी, सोयाबीन, पामोलिन और पाम तेल की रिफाइंड किस्मों पर आयात शुल्क को 32.5 फीसदी से घटाकर 17.5 फीसदी कर दिया गया है. सरकार के इस फैसले ने आने वाले दिनों में खाद्य तेल सस्ती हो सकती है.
घरेलू बाजार में सरसों तेल की कीमत आसमान पर पहुंच जाने पर अगस्त से दोबारा क्रूड सरसों तेल का आयात शुरू हुआ और पिछले दो महीनों में 32,500 टन तेल का आयात हुआ है. सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEAO) के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता ने कहा कि घरेलू बाजार और त्योहारी मौसम में खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण सरकार ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटा दिया है.
SEAO के मुताबिक अगस्त में 12,437 टन और सितंबर में 20,215 टन क्रूड सरसों तेल विदेश से मंगाया गया. यही नहीं, घरेलू मांग पूरी करने के लिए अगले दो तीन महीनों में क्रूड सरसों तेल का आयात बढ़ सकता है. SEAO के मुताबिक पिछले महीने विदेश से 16.98 लाख टन खाद्य तेल मंगाए गए जो किसी भी एक महीने में सबसे ज्यादा आयात रहा. इससे पहले अक्टूबर 2015 में सर्वाधिक 16.51 लाख टन खाद्य तेलों का आयात हुआ था.