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मोदी सरकार ने मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल, 2015 को की थी. देश के युवाओं को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी बैंकों से लोन उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वो नौकरी देने वाले बन सकें.
अगर आप सरकारी मदद से अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो आपके पास 15 दिसंबर तक बेहतरीन मौका है. उसके बाद इस लोन के ब्याज में मिलने वाले विशेष छूट को बंद कर दिया जाएगा. दरअसल, जो लोग नए आइडिया के साथ अपना रोजगार शुरू करना चाहते हैं, वे मुद्रा योजना (Mudra Yojana) के तहत लोन लेकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं.
मोदी सरकार ने मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल, 2015 को की थी. देश के युवाओं को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी बैंकों से लोन उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वो नौकरी देने वाले बन सकें. मुद्रा योजना में तीन तरह के लोन दिए जाते हैं. शिशु मुद्रा लोन (50,000 रुपये तक), किशोर मुद्रा लोन (50,001 रुपये से 5 लाख रुपये तक) और तरुण मुद्रा लोन (5,00,001 रुपये से 10 लाख रुपये तक) में दिया जाता है.
शिशु लोन का सबसे अधिक वितरण
देश में मुद्रा योजना के तहत सबसे ज्यादा शिशु लोन बांटे गए हैं. करीब 88 फीसदी शिशु लोन दिए गए हैं. शिशु लोन के तहत अधिकतम 50 हजार रुपये लोन मिल जाते हैं. खासकर छोटे कारोबारी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं. इसलिए इस लोन पर अब तक खास छूट का प्रावधान है. जिसकी अंतिम तारीख 15 दिसंबर है.
पीएम मुद्रा की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक सरकार ने 2 फीसदी की ब्याज सहायता स्कीम के लाभार्थियों के लिए आखिरी तारीख 15 दिसंबर कर दी है. पीएमएमवाई पोर्टल 31 दिसंबर 2021 से ब्याज सहायता स्कीम (ISS) क्लेम के लिए बंद कर दिया जाएगा. ऐसे में शिशु लोन लेने वाले 15 दिसंबर के बाद 2 फीसदी की ब्याज सहायता स्कीम के लिए दावेदार नहीं होंगे.
गौरतलब है कि पीएमएमवाई एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसका उद्देश्य स्वरोजगार पैदा करने के लिए लोन देना और छोटे उद्यमियों को रोजगार पैदा करने के लिए प्रोत्सााहित करना है. इस योजना के तहत के अधिकतम 10 लाख रुपये तक लोन मिलता है.