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ओमिक्रॉन की मिल गई दवा! मौत के खतरे को कम करेगी Pfizer की गोली

यह मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने या गंभीर मरीजों में मौत के जोखिम को कम करने में 89 प्रतिशत कारगर है।

वाशिंगटन: कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा पूरी दुनिया पर मंडरा रहा है। अब तक इस वेरिएंट ने 70 से ज्यादा देशों को अपनी चपेट में लिया है। इस बीच अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी फाइजर ने कहा है कि कोविड के खिलाफ बनाई गई उसकी टेबलेट पैक्सलोविड के परीक्षण के अंतिम नतीजे दर्शाते हैं कि यह मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने या गंभीर मरीजों में मौत के जोखिम को कम करने में 89 प्रतिशत कारगर है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन भी फाइजर की दवा के परिणामों से उत्सहासित हैं। उन्होंने कहा कि यह कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में एक संभावित शक्तिशाली हथियार है।

2246 मरीजों पर किए गए ट्रायल

फाइजर कंपनी के ये जांच परिणाम उसके पिछले माह 1200 लोगों पर किए गए अंतरिम नतीजों की पुष्टि करते हैं और अंतिम नतीजों में 2246 मरीजों पर किए गए परीक्षण शामिल हैं जिन्हें चार नवंबर को शोध में शामिल कि या गया था। कंपनी ने यह भी कहा है कि पैक्सलोविड कोरोना के अधिक परिवर्तित ओमिक्रोन के खिलाफ भी कारगर है।

जान बचाने में काफी कारगर साबित होगी दवा

फाइजर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अध्यक्ष अल्बर्ट बोरूला ने बताया कि हमारे नतीजे साबित करते हैं कि अगर इस दवा को उपयोग की अनुमति दी जाती है तो यह लोगों की जान बचाने में काफी कारगर साबित होगी। यह दवा कोरोना मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने और उनमें मौत के खतरे को कम करती है। यह ओमिक्रोन के खिलाफ भी प्रभावी पाई गई है।

अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम 70 प्रतिशत कम

कंपनी ने दूसरे क्लीनिकल परीक्षण के शुरूआती नतीजे भी जारी किए हैं जिसमें मध्यम जोखिम वाले 600 मरीजों में अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम 70 प्रतिशत कम पाया गया था। कंपनी को उम्मीद है कि इसे जल्दी ही फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से मंजूरी मिल जाएगी।

कुल पांच दिनों का कोर्स

इस दवा का पूरा कोर्स पांच दिन का है जिसमें तीन गोलियों दो बार लेनी पड़ती हैं और दो गोलियां वायरस निरोधक निरमाट्रेलविर हैं तथा तीसरी गोली वर्तमान में एचआईवी संक्रमण में दी जाने वाली रिटोनाविर है।