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नए साल के जश्न में भंग, मुंबई में आज से धारा 144 लागू, 7 जनवरी तक कोई पार्टी नहीं होगी

Coronavirus Omicron in Mumbai: बढ़ते कोरोना के मामलों ने नए साल के जश्न में भंग डाल दिया है. मुंबई में एक ही दिन में मामले डबल होने के बाद वहां धारा 144 लागू कर दी गई है. मुंबई में 7 जनवरी तक धारा 144 लगा दी गई है.

कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट ने अब डराना शुरू कर दिया है. ओमिक्रॉन के चलते देश में तीसरी लहर की आहट भी शुरू हो गई है. मुंबई में बीते दिन कोरोना के 2,510 नए मामले सामने आए. इसे देखते हुए अब प्रशासन ने मुंबई में धारा 144 लागू कर दी गई है. मुंबई में 7 जनवरी तक धारा 144 लागू रहेगी. इसके साथ ही नए साल के जश्न मनाने पर भी रोक लगा दी गई है.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, प्रशासन ने 30 दिसंबर से 7 जनवरी तक मुंबई में धारा 144 लगा दी है. साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर नए साल का जश्न मनाने पर भी रोक रहेगी. रेस्टोरेंट, होटल, बार, पब, रिजॉर्ट और क्लब में 30 दिसंबर से 7 जनवरी तक कोई पार्टी नहीं होगी.

मुंबई में अचानक से बढ़े कोरोना के मामले

मुंबई में कोरोना के मामलों में अचानक से तेजी आ गई है. बुधवार को यहां कोरोना के 2,510 नए मामले सामने आए. जबकि, मंगलवार को 1,377 केस आए थे. बुधवार को एक मरीज की मौत भी हुई और 251 मरीज ठीक हुए. स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Rajesh Tope) ने कहा कि पॉजिटिविटी रेट खतरनाक तरीके से बढ़ रही है. अभी पॉजिटिविटी रेट 4% है और अगर ये 5% तक जाता है तो दिल्ली की तरह ही यहां भी पाबंदियां लगा दी जाएंगी. लोगों को बढ़ते मामलों को देखना होगा और शादी समारोह में भीड़ बढ़ाने से रोकना होगा.

बुधवार को ही सरकार ने नई कोविड गाइडलाइंस (Covid Guidelines) भी जारी कीं. इसके तहत नए साल को लेकर कई तरह की पाबंदियां भी लगा दी गईं हैं. नई गाइडलाइंस के मुताबिक, हॉल या रेस्टोरेंट जैसी बंद जगहों पर 50% और खुली जगहों पर 25% सिटिंग कैपेसिटी को ही अलाउ किया जाएगा. पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने कहा कि अगर इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

ज्यादातर को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुंबई में मामले भले ही बढ़ रहे हैं, लेकिन ज्यादातर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ रही है. मुंबई के डी वार्ड में पिछले एक हफ्ते में 354 मामले सामने आए. इनमें से सिर्फ 14 लोगों को ही एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती किया गया है. हालांकि, एक चिंता की बात ये है कि 354 मरीजों में से 75 फीसदी ऐसे थे जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थी.