राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
चंडीगढ़, 18 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब...

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस एक कमजोर पार्टी बन गई है। उन्होंने अपनी बात साबित करने के लिए राज्यसभा चुनाव में जारी सियासी सरगर्मी का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव से पहले राजस्थान में जो कर रही है, उससे यह साबित होता है कि अपने नेताओं के दबाव में आ गई है, जो उन्हें टिकट नहीं मिलने पर इस्तीफा देने की धमकी दे रहे हैं।
सीएम सरमा ने कहा, “मेरे आकलन में कांग्रेस के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रमुख विपक्षी दल की स्थिति को बनाए रखना मुश्किल होगा। इसकी संख्या 30-35 सीटों तक गिर सकती है।”
उन्होंने कहा, “यदि आप आज राजस्थान को देखें तो राज्य शरणार्थियों को समायोजित करने के लिए एक रेलवे स्टेशन बन गया है। कांग्रेस ने चार राज्यों के लिए कुछ ऐसे नेताओं को नामित किया है जो चुनाव नहीं जीत सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि भारत राज्यों का एक संघ है, न कि सभ्यता। यदि ऐसा है, तो आपने दिल्ली से जयपुर के लिए सभी राज्यसभा उम्मीदवारों की आपूर्ति क्यों की? या दिल्ली से कुछ अन्य राज्यों में क्यों बाहरी उम्मीदवार भेजा? आप एक या दो भेज सकते हैं, लेकिन पूरे उम्मीदवार बाहरी नहीं दे सकते हैं।”
कश्मीरी पंडितों पर हाल की घटनाओं पर राहुल गांधी के हालिया ट्वीट के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “राहुल गांधी को ट्वीट करने से पहले अपने स्थान का खुलासा करना चाहिए। जब असम में बाढ़ आई थी तो वह यूके में थे। इसलिए, राहुल गांधी को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए।” सरमा ने तंज कसते हुए कहा, “वह राहुल गांधी हैं, महात्मा गांधी नहीं।”
असम के मुख्यमंत्री ने बुधवार को घोषणा की कि उनका मंत्रिमंडल उन स्वदेशी अल्पसंख्यकों के लिए एक अलग स्पष्टीकरण पर फैसला करेगा जो अन्य स्थानों से असम में नहीं गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मदरसा शिक्षा पर उनकी सरकार का रुख बहुत स्पष्ट है। सरमा ने कहा, “मदरसा शिक्षा प्रणाली मुस्लिम छात्रों को अप्रतिस्पर्धी बना देगी। हमने मदरसों को बंद नहीं किया है, हमने उन्हें सामान्य स्कूलों में बदल दिया है। हम एक आश्वस्त अल्पसंख्यक आबादी चाहते हैं। हम यह नहीं कह रहे हैं कि आपको कुरान नहीं पढ़ना चाहिए।”