आपदा के प्रत्येक चरण में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका -प्रकाश चंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली से रूबरू हुए प्रशिक्षु अधिकारी
प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों को दी आपदा...
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय...
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हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर (LCH) ‘प्रचंड’ को जल्द ही महिला पायलट भी उड़ाती नजर आएंगी। एयरफोर्स ने इसे लेकर तैयारी शुरू कर दी है। वायुसेना के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। अधिकारी ने कहा, ‘बेड़े में एलसीएच उड़ाने वाली महिला अधिकारी होंगी। महिला पायलट पहले से ही बेड़े में शामिल उन्नत हल्के हेलिकॉप्टर (ALH) ध्रुव और अन्य हेलिकॉप्टर उड़ा रही हैं। वे एलसीएच भी उड़ाएंगी और इसके लिए महिला अधिकारियों की पहचान की जा रही है।’
एयरफोर्स ऑफिसर ने कहा, ‘वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी महिला अधिकारियों के लिए सभी रास्ते खोलने के पक्ष में हैं। भारतीय वायुसेना महिलाओं को लड़ाकू बेड़े में शामिल करने वाला पहला बल है। 3 अक्टूबर को 4 प्रचंड वायुसेना में शामिल किए गए थे। भविष्य में 10 और हेलिकॉप्टर शामिल किए जाएंगे।’
महिलाओं की भर्ती से पहले तैयार हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर
बता दें कि वायुसेना अग्निवीर भर्ती योजना के तहत महिलाओं को भी शामिल करने जा रही है। यह पहली बार है जब वायुसेना ने अधिकारी रैंक स्तर से नीचे के कर्मियों के रूप में महिला उम्मीदवारों को बल में शामिल होने की घोषणा की है। इस साल एयरफोर्स 3,000 अग्निवीरों की भर्ती कर रहा है, इसमें महिलाएं नहीं हैं। एयरफोर्स के अधिकारी ने कहा कि महिलाओं की भर्ती से पहले हमें सारा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। साथ ही ऐसा माहौल भी बनाना है ताकि महिला अग्निवीरों को कोई दिक्कत ना हो।
अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में ज्यादा हथियार ले जाने में चॉपर की अहम भूमिका है। अब प्रचंड भी इस काम में अहम रोल अदा करेगा। इस चॉपर का डिजाइन पूरी तरह से भारतीय है और इसमें स्वदेशी तकनीकों का ही इस्तेमाल किया गया है। इन चॉपर्स की टेस्टिंग लद्दाख में की गई है। ये एयर-टू-एयर मिसाइलों के जरिए चीनी ड्रोन्स को मात दे सकती हैं। इसके अलावा जमीन पर दुश्मन के टैंकों को भी ध्वस्त करने में ये सक्षम हैं। हवा से सतह पर मार करने वाले एंटी टैंक हथियारों के जरिए ये चॉपर इस काम को अंजाम दे सकते हैं।