मकान मालिकों से श्रद्धा को पत्नी बताता था आफताब, इस इलाके में रहने से बचते थे दोनों - Samacharline.com

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मकान मालिकों से श्रद्धा को पत्नी बताता था आफताब, इस इलाके में रहने से बचते थे दोनों

श्रद्धा का कत्ल कर 35 टुकड़े करने वाले आफताब पूनावाला ने वसई में एक फ्लैट किराये पर लेने के लिए अपना परिचय उसके पति के तौर पर दिया था। वसई में कुछ वक्त रहने के बाद दोनों दिल्ली आ गए थे।

श्रद्धा का कत्ल कर 35 टुकड़े करने वाले आफताब पूनावाला ने वसई में एक फ्लैट किराये पर लेने के लिए अपना परिचय उसके पति के तौर पर दिया था। वसई में कुछ वक्त रहने के बाद दोनों दिल्ली आ गए थे और यहीं पर 18 मई को आफताब ने श्रद्धा की जघन्य हत्या कर टुकड़े-टुकड़े कर डाले थे। पुलिस ने श्रद्धा के शव के टुकड़ों की तलाश के लिए महरौली के जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया है। दोनों की मुलाकात 2019 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला कर लिया था। श्रद्धा के परिजनों ने इस अंतरधार्मिक संबंध का विरोध किया था, जिस पर गुस्सा होकर श्रद्धा घर से ही निकल गई थी।

इन तीन सालों के दौरान वह ज्यादातर वक्त वसई में एक किराये के फ्लैट में रहे। इन लोगों ने एक रूम का फ्लैट नायगांव पूर्व में 2019 में लिया था। यहां मकान मालिक से उन्होंने अपना परिचय पति और पत्नी के तौर पर कराया था। रेंट अग्रीमेंट पूनावाला के नाम पर ही बना था। हालांकि उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था और किराये पर फ्लैट देने से पहले कोई पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया गया था। कोरोना की लहर के पीक के दौरान इन लोगों ने वहां से फ्लैट खाली कर लिया था। यही वजह है कि सोसायटी के ज्यादातर लोग इनके बारे में ज्यादा कुछ जानते नहीं हैं।

अक्टूबर 2020 में श्रद्धा और आफताब ने वसई के विजय विहार के रीगल अपार्टमेंट में एक फ्लैट लिया था। यहां भी आफताब ने फ्लैट मालिक से श्रद्धा को अपनी पत्नी बताया था। यहां उसने आधार कार्ड जमा किया था और अपने वसई स्थित घर का पता दिया था। यहां दोनों का पुलिस वेरिफिकेशन भी हुआ था और दस्तावेज में श्रद्धा की तस्वीर भी लगी थी। फ्लैट मालिक ने कहा कि दोनों ने अपना परिचय पति और पत्नी के तौर पर कराया था। उनकी ओर से समय पर ही किराये और बिजली बिल आदि का भुगतान किया जाता था।

क्यों वसई ईस्ट में ही रहना चाहते थे आफताब और श्रद्धा

श्रद्धा दहिसर के एक रिटेल स्पोर्ट्स स्टोर में काम करती थी, जहां पहुंचना वसई से आसान था। दोनों लोग वसई ईस्ट में ही रहते थे और वेस्ट में नहीं जाना चाहते थे। इसकी वजह यह थी कि दोनों के पैरेंट्स के घर वेस्ट में ही थे। बीते साल सितंबर में इन लोगों ने यह फ्लैट खाली किया था और फिर पास में ही कहीं चले गए थे। इसके बाद इसी साल मार्च में दिल्ली पहुंच गए थे। गौरतलब है कि इस हत्याकांड की पूरे देश में चर्चा हो रही है। श्रद्धा के पति विकास मदन ने आफताब को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है।

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