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उज्जैन | जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उज्जैन द्वारा जिले में अधिक से अधिक लोगों तक कानूनी जागरुकता का अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम के आयोजन के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने हेतु मान.प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजेंद्र कुमार वाणी साहब के मार्गदर्शन में मैदानी योजना तैयार की गयी, जिसके अनुक्रम में 26 नवंबर जो कि भारतीय संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है, पर उक्त दिवस पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 51 विधिक जागरुकता शिविरों को आयोजित करने का लक्ष्य तय किया गया था। तय किये गये लक्ष्य से भी अधिक कुल 100 विधिक जागरुकता शिविरा का आयोजन संविधान दिवस के दिन किये गये। ये विधिक जागरुकता शिविर एवं कार्यक्रम हाई स्कूल, महाविद्यालय, छात्रावास, जेलों, आगनबाड़ी केंद्रों, पंचायतों, बस्तियां, सामुदायिक भवन आदि में आयोजित कर विद्यार्थियों एवं आमजन को लाभावित करने हेतु आयोजित किये गये ।
संविधान दिवस के अवसर पर शिविरों की श्रृंखला का आरंभ केंद्रीय विद्यालय उज्जैन में प्रात: 09:00 बजे से लगभग 1100 विद्यार्थियों के मध्य संविधान की प्रस्तावना का वाचन कराया जाकर जिला न्यायाधीश एवं सचिव श्री अरविंद कुमार जैन एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई ने किया तत्पश्चात जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में न्यायाधीशगण पैरालीगल वॉलंटियर्स, पैनल लॉयर्स एवं सहभागी अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा सायं काल 07:00 बजे तक विधिक जागरुकता शिविरों का आयोजन कर कमश: संतकबीर नगर, जवाहर नगर, अंबेडकर नगर, ग्राम पंचायत बीचपाडा तह-तराना, सांदीपनी लॉ कॉलेज फ्रीगंज उज्जैन, शास उमावि सराफा चार धाम मंदिर के पास, सीएम राईज शास उमावि झारडा, उपजेल बडनगर, प्रियंका मेमोरियल विद्यालय खाचरौद इत्यादि स्थानों एवं संस्थाओं में एक ही दिन में आयोजन कर हज़ारों लोगों को लाभांवित किया गया। कार्यक्रम में पैरालीगल वॉलटियर्स तथा विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यगण, आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षा विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग का विशेष सहयोग रहा।
सचिव श्री अरविंद कुमार जैन ने बताया कि प्रातः 10:30 बजे जिला न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला न्यायाधीश श्री राजेंद्र कुमार वाणी द्वारा न्यायाधीशों एवं कर्मचारियों को संविधान दिवस की महत्ता की जानकारी देकर संविधान की उद्देशिका का वाचन कर संविधान के प्रति सन्निष्ठा एवं समर्पण की शपथ दिलायी गयी। इसी प्रकार तहसील विधिक सेवा समिति खचरौद्, तराना, नागदा,महिदपुर एवं बड़नगर में भी न्यायालय में भी न्यायाधीश एवम अध्यक्ष महोदय द्वारा प्रस्तावना का वाचन कर शिविरों की श्रृंखला का प्रारंभ किया गया। श्री जैन ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्मला कॉलेज एवं शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय में विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन कर उक्त संस्थाओं में लीगल एड क्लीनिक केंद्रों का शुभारंभ किया गया। इसी प्रकार विशेष न्यायाधीश श्री अश्वाक अहमद खान, जिला न्यायाधीश श्री शोएब खान, श्री साबिर अहमद खान, श्री राजेश सिंह, श्रीमती वंदना राज पाण्डेय, श्री सुनील मालवीय श्री आदेश कुमार जैन न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री वीरेंद्र जोशी, श्री विनायक गुप्ता, श्री कुशाग्र अग्रवाल, सुश्री रुचि परते, सुश्री अंकिता प्लास आदि न्यायाधीशगण द्वारा भी साक्षरता शिविरों के माध्यम से लोगों को संविधान के उद्देश्यों निःशुल्क शिक्षा का अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह, घरेलु हिंसा, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकार, म०प्र० अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना 2015 एवं विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी विस्तृत रूप से दी जाकर इसका उदाहरण बताया। अनेक शिविरों में स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से बच्चों को गर्म कपड़े एवं पठन सामग्री वितरित की गयी।