उज्जैन सिंहस्थ 2028 : स्पेशल डीजी जैन ने सिंहस्थ की पार्किंग व्यवस्था और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया
उज्जैन। स्पेशल डीजी जैन ने सिंहस्थ 2028 के दौरान बाहर से आने...
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अद्वैत ज्ञान के सूर्योदय...
Prime Minister Narendra Modi has praised this initiative. Dr. Yadav repeatedly emphasizes...

बैठक कक्ष यानि लिविंग रूम एक ऐसा स्थान है जहां परिवार के लोग एक साथ एकजुट होकर कुछ समय बिताना पसंद करते हैं। ऐसे में इस रूम का वास्तु सकारात्मक होना बेहद जरूरी होता है। वहीं, परिवार के सदस्यों के बीच कोई मनमुटाव ना हो उनका जीवन में कोई परेशानी न आए, इसके लिए जरूरी है कि घर का लिविंग रूम वास्तु के अनुसार हो। साथ ही उसकी दीवारों का रंग, सजावट, फर्नीचर आदि का सही स्थान पर हो।
तो फिर देर किस बात कि, वास्तु शास्त्र में आज आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए बैठक यानि की शयनकक्ष के रंग के बारे में। बैठक, जहां पर आराम से बैठकर हम दूसरों से बात कर सकें और चाय की चुसकियां ले सकें, बैठक कक्ष बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है। क्योंकि, जब घर में कोई मेहमान या कोई आस-पड़ोस का आता है तो उसे बैठक या शयनकक्ष में ही बिठाया जाता है। इसलिए बैठक कक्ष (लिविंग रूम) में रंग का चयन करते समय अपने साथ-साथ दूसरों की पसंद या नापसंद का भी ख्याल रखना चाहिए।
बैठक में ऐसे रंग का प्रयोग करना चाहिए जो बैठक के इंटीरियर में चार चांद लगा दें। वास्तु के अनुसार, लिविंग रूम की दीवारों का रंग सफेद, गुलाबी, पीला, क्रीम, हल्का भूरा रंग या फिर हल्के नीले रंग का ही चुनाव करना चाहिए।