Madhya Pradesh : इंदौर में 9 से 13 जून तक आयोजित होगा ब्रिक्स कृषि कार्य समूह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, 21 देशों के कृषि मंत्री होंगे शामिल
केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के...
केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि...
भोपाल। मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव...

कहते हैं इस संसार में जो भी घटित हो रहा है, उसके पीछे कुछ न कुछ वजह होती है। हर व्यक्ति अलग-अलग समय पर अलग-अलग बातें सोचता है, उसके मन के विचार अलग-अलग हो सकते हैं आदि। पर दिमाग में चल रही इन बातों को सामने वाला व्यक्ति जान पाए, ऐसा मुश्किल नजर आता है। लेकिन इन दिनों बागेश्वर धाम वाले बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इसी बात को लेकर काफी चर्चा में हैं क्योंकि उनके भक्तों की मानें तो वो बिना किसी से पूछे उनके मन में चल रहे विचारों को बता देते हैं, लोगों के मन की बात पढ़ लेते हैं, उनके घर में कौन सी चीजें कहां रखी है ये बता देते हैं, बिना सामने वाले व्यक्ति के बताए उसका मोबाइल नंबर तक बाबा बता देते हैं? ऐसे में आपका सोचना लाजमी है कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? क्या बाबा सच में चमत्कारी हैं या फिर इसके पीछे माइंड रीडिंग छुपी है? तो चलिए जानते हैं कि अगर ये माइंड रीडिंग है, तो फिर ये क्या है और होती कैसे है?
दरअसल, माइंड रीडिंग का मतलब होता है बिना जाने सामने वाले व्यक्ति के दिमाग में क्या चल रहा है, ये जानना। बिना किसी साधनों के इस्तेमाल के दूसरे व्यक्ति के दिमाग के विचार को जानना ही माइंड रीडिंग कहलाता है
माइंड रीडिंग करने वाले लोग इसका निरंतर अभ्यास करते हैं। कहा जाता है कि ये लोग दिन में कम से कम दो से तीन बार ये पता लगाने की कोशिश करते हैं कि सामने वाले व्यक्ति के दिमाग में क्या चल रहा है। ऐसे लोगों के अंदर एकाग्रता होती है, जो किसी का दिमाग पढ़ने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी मानी जाती है
माइंड रीडिंग करते समय इस बात का ध्यान दिया जाता है कि सामने वाले के शारीरिक हावभाव कैसे हैं। व्यक्ति की आंखें कैसी हैं, उसकी मुद्रा कैसी है, उसके चेहरे के हावभाव क्या कह रहे हैं, बोलने के हिसाब से आदि तरीकों को देखकर माइंड रीडिंग करने में मदद मिलती है