“जो कहा वो किया” मुख्यमंत्री डॉ यादव अचानक पहुंचे उज्जैन और किया उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण
किसान के चेहरे पर खुशी ही हमें सुकून...
किसान के चेहरे पर खुशी ही हमें सुकून...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स...
उज्जैन। जल, जंगल और सामान्य जन के लिए...

कबूतरबाजी मामले से बरी होने के बाद दलेर मेहंदी फिल्म ‘जिंदगी शतरंज है’ के एक गाने ‘मामला सब गड़बड़ है’ में नजर आए हैं। ‘जिंदगी शतरंज है’ का यह गाना दलेर मेहंदी और अर्जुम्मन मुगल पर फिल्माया गया है। फिल्म की शुरुआत इसी गाने से होती है और जिस तरह से ‘मामला सब गड़बड़ है’ गीत है, उसी तरह से फिल्म का मामला भी शुरू से ही गड़बड़ हो जाता है। दरअसल, दलेर मेहंदी जिस लटके झटके और भांगड़ा के लिए जाने जाते हैं उस हिसाब से उनकी कला का इस्तेमाल करने से फिल्म के निर्देशक चूक गए और फिल्म की कहानी पति पत्नी के रिश्ते पर आकर ठहर जाती है। पूरी फिल्म की कहानी एक जगह ही ठहरी रहती है। और, कहानी बस इतनी सी है कि एक पत्नी जिसे अपना पति मानने से इंकार कर रही है, वह साबित नहीं कर पाती है कि ये शख्स उसका पति नहीं है।




