उत्तराखंड : हवलदार पंकज की तलाश के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए प्रभावी निर्देश
उत्तराखंड। चमोली की नीति घाटी में भारी बारिश के चलते उफान पर...
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर के दशहरा मैदान स्थित...

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन बड़ी मुश्किलों में फंस गए हैं। बाइडेन पर गोपनीय फाइलों को अपने निजी दफ्तर और घर में रखने का आरोप है। 20 जनवरी को बाइडेन के घर पर एक बार फिर से छापेमारी की गई। अमेरिकी न्याय विभाग की छापेमारी के दौरान बाइडन के घर से छह और गोपनीय दस्तावेज मिले हैं जो उनकी मुश्किलें और बढ़ा सकते हैं। इस बात की पुष्टि बाइडन के निजी वकील बॉब बाउर ने की है। वकील बॉब बाउर ने बताया कि यह तलाशी करीब 12 घंटे तक चली।
इसके पहले भी बाइडेन के घर और निजी दरफ्तर पर छापेमारी हो चुकी है। तब डेलावेयर स्थित घर और वॉशिंगटन ऑफिस से आठ साल पुरानी खुफिया फाइलों के 20 सेट मिले थे। अब उन पर ये बताने के लिए दबाव बनाया जा रहा है कि आखिर उन्होंने ये फाइल्स सरकारी दफ्तर की बजाय अपने घर में क्यों रखीं? इन फाइल्स की जांच करने के लिए अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक स्पेशल काउंसिल को नियुक्त किया है।
सवाल ये भी उठ रहा है कि आखिर इन फाइलों में ऐसा क्या है जिसे बाइडेन को छिपाने की जरूरत पड़ गई? अगर बाइडेन इस मामले में दोषी मिलते हैं तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है? क्या इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रीय को जेल की हवा खानी पड़ सकती है? आइए समझते हैं.