पाठ्यपुस्तकों में शामिल हो ओडिशा में हॉकी का इतिहास - Samacharline.com

“सेवा के 25 साल” प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान -डॉ. मोहन यादव

यशस्वी श्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात...

UPI पर मर्चेंट फीस के विरोध में 18 सितंबर से दुकानों पर लगेंगे पोस्टर

इंदौर। UPI भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट...

From Financial Inclusion to Financial Empowerment: Why India Needs ‘Arth Shala’ -CA Harsh Mantri

In a small town in Madhya...

करियरदेशहोम

पाठ्यपुस्तकों में शामिल हो ओडिशा में हॉकी का इतिहास

ओडिशा में हॉकी का इतिहास और तटीय राज्य में दो बार हॉकी विश्व कप की मेजबानी एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों में शामिल की जाएगी। ये बातें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कही हैं। सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधान ने सुझाव दिया कि ओडिशा में 13 से 29 जनवरी तक होने वाले पुरुषों के हॉकी विश्व कप के माध्यम से ओडिशा की कला, विरासत और परंपरा को उच्चतम स्तर पर प्रमोट किया जाना चाहिए।

टूर्नामेंट दो स्थानों भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम और राउरकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम में खेला जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने हॉकी विश्व कप के लिए देश के सभी स्कूलों और कॉलेजों को आमंत्रित करने के राज्य सरकार के फैसले की भी सराहना की। प्रधान ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए कि 2036 तक ओडिशा से 100 से अधिक ओलंपियन उभर कर सामने आएं,जब राज्य अपना 100वां स्थापना दिवस मनाएगा।” इस बार ओडिशा के 7 खिलाड़ी ओलिंपिक में खेलने गए थे।

प्रधान ने कहा कि 2036 में जब राज्य अपना 100वां स्थापना दिवस मनाएगा, तो इस बात की संभावना है कि उस साल भारत में ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा। यह पुरुष हॉकी विश्व कप का 15वां संस्करण होगा। हॉकी इंडिया दूसरी बार मेगा टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। पहली बार 2018 में हुआ था, जिसे बेल्जियम ने जीता था।