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नॉन मेट्रो शहर रोजगार देने में रहे आगे तो मेट्रो शहर पिछड़े

जनवरी 2023 के लिए जारी नौकरी जॉबस्पीक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में आईटी सेक्टर में हो रही छंटनी का असर भारतीय मेट्रो शहर में देखा गया है। यहां सीधे तौर पर ले-ऑफ नहीं हुआ लेकिन नई भर्ती गतिविधियों पर वैश्विक ट्रेंड का असर देखा गया है। हालांकि, नॉन आईटी सेक्टर वाले नॉन मेट्रो शहरों को इसका लाभ भी मिला। नौकरी जॉबस्पीक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे शहर सेवा-सत्कार, तेल, बीमा और बैंकिंग सेक्टर में रोजगार देने में आगे निकले हैं।

नए साल में गैर-महानगरीय शहरों में भर्ती की गतिविधि जारी है। गैर-महानगरों के बीच, अहमदाबाद नियुक्ति गतिविधियों के मामले में शीर्ष पर रहा और यहां पिछले साल के मुकाबले नई नियुक्तियों में 40 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और इस तेजी की वजह बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र रहा। बड़ौदा बैंकिंग और निर्माण क्षेत्रों के वर्चस्व वाले नए रोजगार सृजन में 37 फीसदी की वृद्धि के साथ आगे रहा। वहीं, जयपुर ने मुख्य रूप से बीपीओ और बैंकिंग क्षेत्रों के नेतृत्व में नए रोजगार सृजन में 14 फीसदी की वृद्धि दर्ज की।
महानगरीय शहरों में, मुंबई और दिल्ली ने सकारात्मक नियुक्ति ट्रेंड दर्ज किया, जहां पिछले साल के मुकाबले नई नौकरियों के सृजन में 14 और 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। दिल्ली और मुंबई में भर्तियों की होड़ में बीमा क्षेत्र एक प्रमुख क्षेत्र रहा है। इसके विपरीत, बेंगलुरू, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई जैसे महानगरीय शहर में पिछले साल के मुकाबले क्रमशः 20%, 12%, 11% और 6% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं गैर-आईटी क्षेत्र जो इन महानगरों में से प्रत्येक में सबसे महत्वपूर्ण रूप से नौकरियों में वृद्धि कर रहे हैं, उनमें बीमा, बैंकिंग, ऑटो और तेल क्षेत्र शामिल है।

नियुक्तियों में गिरावट के बीच में 12 से अधिक वर्षों के अनुभव वाले वरिष्ठ पेशेवरों की बढ़ती मांग 2023 की शुरुआत में भर्ती गतिविधि पर हावी रही और इसमें पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। फ्रेशर्स और मिड-एक्सपीरियंस स्तर के पेशेवरों के लिए भर्ती गतिविधि स्थिर बनी हुई है।