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हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद बाजार में मचे हाहाकार के बीच कांग्रेस ने रविवार को एक बार फिर अदाणी समूह से जुड़े मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या उद्योगपति गौतम अदाणी के भाई विनोद अदाणी से जुड़ा मामला भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के लायक नहीं है। पाटी ने आरोप लगाया कि विनोद अदाणी इस कारोबारी समूह से जुड़े वित्तीय लेन-देन के केंद्रबिंदु में रहे हैं। हालांकि, अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुछ सवाल किए। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह ने गत 29 जनवरी को कहा था कि विनोद अदाणी की समूह की किसी सूचीबद्ध इकाई या उसके स्वामित्व वाली कंपनी में प्रबंधकीय भूमिका नहीं है। उनका रोजमर्रा के काम में भी कोई दखल नहीं है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अदाणी समूह के इस दावे के बावजूद इस कारोबारी समूह ने बार-बार ‘पब्लिक फाइलिंग’ में यह जानकारी दी कि विनोद अदाणी इस समूह का अभिन्न हिस्सा हैं। 2020 में बंबई स्टॉक एक्सचेंज में दायर एक दस्तावेज में ऐसी ही जानकारी दी गई।
पार्टी ने किए कई सवाल