यूपी में BJP का है जमाना तो सपा क्यों बन रही दलबदलुओं का सियासी ठिकाना?
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने सियासी-सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटे...
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने सियासी-सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटे...
विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में लोकतांत्रिक स्थिति की आलोचना की गई है,...
फरवरी महीने में थोक मूल्य आधारित सूचकांक (WPI) बढ़कर 4.17 फीसदी पर...
बंगाल की चुनावी रेस में बीजेपी और टीएमसी एक दूसरे से एक...

CBSE Board Exams : सीबीएसई ने कोरोना काल में स्कूल में 75 फीसदी उपस्थिति पर छूट दी थी। जिन छात्रों की उपस्थिति 75 फीसदी पूरी नहीं हुई थी, उन्हें भी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षार्थी को एक जनवरी तक उपस्थिति पूरी करने का निर्देश दिया है। उपस्थिति पूरी नहीं होगी तो प्राचार्य को पांच जनवरी तक छात्र-छात्राओं का नाम क्षेत्रीय कार्यालय को भेज देना है। बोर्ड ने इसकी जानकारी पिछले सप्ताह सभी स्कूलों को भेजी है।
बता दें कि सीबीएसई ने कोरोना काल में स्कूल में 75 फीसदी उपस्थिति पर छूट दी थी। जिन छात्रों की उपस्थिति 75 फीसदी पूरी नहीं हुई थी, उन्हें भी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी। यह नियम वर्ष 2023 की बोर्ड परीक्षा तक लागू थी, लेकिन बोर्ड ने अब इसमें बदलाव कर दिया है। अब एक जनवरी 2024 तक स्कूल में 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है।
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल में शामिल होने वाले छात्रों को मिलेगी परीक्षा में छूट
बोर्ड ने उन छात्र-छात्राओं को फरवरी में बोर्ड परीक्षा में शामिल होने से छूट देगा जिनका चयन राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इसके अलावा ओलंपियाड और होमी भाभा सेंटर में अगर विज्ञान प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ हो तो ऐसे विद्यार्थियों को इसकी सूचना क्षेत्रीय कार्यालय को 31 दिसंबर तक देनी होगी। ऐसे छात्रों की बोर्ड परीक्षा बाद में ली जाएगी।
बोर्ड देगा अनुमति तभी दे पायेंगे परीक्षा
बोर्ड के अनुसार क्षेत्रीय कार्यालय के पास छात्रों की सूची आने के बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा देने दिया जाए या नहीं। इसका अंतिम निर्णय बोर्ड लेगा। बोर्ड की अनुमति के बाद ही छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो पायेंगे।